अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए ली शुकतीर्थ की मिट्टी
मोरना (मुजफ्फरनगर)। अयोध्या में राममंदिर भूमि पूजन के लिए पौराणिक शुकतीर्थ की मिट्टी एवं जल संग्रह श्रद्धाभाव से किया गया। भागवत पीठ श्री शुकदेव आश्रम में संतों और महात्माओं के सानिध्य में विहिप तथा संघ के पदाधिकारियों ने विशेष कलश पूजा अर्चना की।
शुकदेव आश्रम में अक्षय वट वृक्ष की विधि-विधान से पूजा की गई। महामुनि शुकदेव की श्रीमद्भागवत गीता के श्रवण से अमर वट की मिट्टी कलश में रखी गई। तीर्थ के अन्य शिवालयों, मंदिरों और धामों से भी मिट्टी और जल लेकर संत-महात्मा पहुंचे। भागवत पीठाधीश्वर स्वामी ओमानंद ने कहा कि प्रभु राम की जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण की नींव में शुकतीर्थ की मिट्टी एवं जल में लगना गौरवान्वित क्षण है। श्री राम जन-जन के आराध्य हैं। भारत की सनातन संस्कृति के प्रतीक हैं। मर्यादा पुरुषोत्तम भारत के भूमंडल की मिट्टी के कण-कण और जल की बूंद- बूंद में समाए हैं। देश के तीर्थों से ले जाई गई मिट्टी और जल से अयोध्या में दिव्य विराट तथा प्रचंड शक्ति का विश्व में पुनर्जागरण होगा। सदियों उपरांत करोड़ों हिंदुओं की चिर प्रतिक्षित अभिलाषा पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि हिंदू और सनातन संस्कृति की रक्षा और पोषण का यह एतिहासिक अवसर है। यह राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन से जुड़े साधु-संतों तथा राम भक्तों के घोर अथक परिश्रम, त्याग, तप और संघर्षों का फल है। कलश पूजन में वेद मंत्रोच्चार आचार्य गिरीश चंद उप्रेती तथा भागवत प्रवक्ता पंडित आशीष माधव शास्त्री ने किया। तीर्थ के दंडी आश्रम, हनुमतधाम, मां अन्नपूर्णा आश्रम, महाशक्ति सिद्धपीठ आदि की मिट्टी के अंश कलश में रखे गए। साधु-संतों द्वारा जयश्री राम के जयघोष के साथ कलश विहिप और संघ के पदाधिकारियों को सौंपे गए। विहिप के प्रांतीय मंत्री डॉ. भूपेंद्र कुमार, जिला संगठन मंत्री अनूप, संघ संपर्क प्रमुख योगेंद्र, विभाग अध्यक्ष ललित माहेश्वरी, अमरीश गोयल, भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष अमित राठी, विनोद शर्मा, गंगा सेवा समिति के महकार सिंह, सुरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
पांच सौ बरस के बाद आई शुभ बेला
शुकतीर्थ। शुकदेव आश्रम में पधारे तीर्थ के साधु-संतों ने अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर की आधारशिला मुहूर्त के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई दी। स्वामी ओमानंद, स्वामी महादेवाश्रम, स्वामी कृपाल दास, साध्वी राजनन्देश्वरी, महामंडलेश्वर गोपालचार्य, स्वामी विष्णु तिलकधारी, स्वामी अशोकानंद, ब्रह्मचारी आनंद स्वरूप, मनोहर शर्मा, कथा व्यास आचार्य अतुल कृष्ण आदि ने कहा कि लगभग पांच सौ वर्ष के लंबे संघर्ष के बाद राम जन्म भूमि पर मंदिर निर्माण की शुभ बेला आई है। भूमि पूजन के समय घर-घर में गौ घृत के दीपक जलाएं।