मुजफ़्फरनगर: कोर्ट में सजा सुनाये जाने के बाद सुजडू में हुई हत्या के आरोपी को ले जाती पुलिस।
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हत्यारे पति को आजीवन कारावास
मुजफ्फरनगर। अनैतिक संबंधों में बाधक बनी पत्नी की हत्या के मामले में अभियुक्त पति को आजीवन कारावास की सजा सुुनाई गई है। अदालत ने अभियुक्त पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने जुर्माने की धनराशि में से 25 हजार रुपये मृतका के पिता को देने के आदेश दिए हैं। बीते आठ साल से अभियुक्त जेल में बंद है।
शहर कोतवाली पर बुढ़ाना के गांव रसूलपुर दभेड़ी निवासी बाबू पुत्र मेहरबान ने 13 अक्तूबर 2012 को बेटी की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। बताया था कि उसकी बेटी हसरती की शादी आठ वर्ष पहले गांव सुजडू की जहांगीर पट्टी निवासी नासिर पुत्र मारूफ के साथ हुई थी। नासिर व उसका परिवार दहेज के लिए हसरती के साथ मारपीट करते थे। इसके साथ हसरती के पति के उसकी भाभी से संबंध भी थे। इसका नासिर की पत्नी विरोध करती थी। इस कारण महिला के पति नासिर, जेठ यूनुस व फखरू, जेठानी ने मिल कर हसरती का गला दबा कर हत्या कर दी। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निशांत देव की अदालत फास्ट ट्रक कोर्ट संख्या-2 में हुई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फिरोज अली ने अदालत में छह गवाह पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों को सुनते हुए पत्नी के हत्या में पति नासिर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने से 25 हजार रुपये मृतका के पिता बाबू को देने के आदेश दिए है। इस घटना के सह अभियुक्त फखरू की मौत हो चुकी है। यूनुस व शरबती के लिए पुलिस ने आरोप पत्र अलग से पेश किया था। इसलिए इन दोनों आरोपियों का मुकदमा अलग से सुना जाएगा, जो अभी लंबित है।