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खुब्बापुर थप्पड़ कांड : छात्र को किताबें मिलीं न यूनिफॉर्म

Fri, 05 Apr 2024 01:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुजफ्फरनगर
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- पीड़ित के पिता ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
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- कार्यालय के चक्कर कटवाए जाने और परिवहन खर्च न दिए जाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी

मुजफ्फरनगर। खुब्बापुर थप्पड़ कांड का पीड़ित छात्र कक्षा दो उत्तीर्ण कर कक्षा तीन में पहुंच गया है। शिक्षा का नया सत्र शुरू हो गया है, लेकिन अभी तक पीड़ित छात्र को नई यूनिफॉर्म और किताबें नहीं मिली हैं। छात्र के पिता इरशाद ने शिक्षा विभाग पर चक्कर कटाने और सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया। परिवहन खर्च न दिए जाने की भी बात कही है।
शाहपुर ब्लॉक के गांव खुब्बापुर स्थित नेहा पब्लिक स्कूल की अध्यापिका तृप्ता त्यागी ने छात्र को पहाड़ा नहीं सुनाने पर सहपाठियों से थप्पड़ लगवाए थे। जिसका वीडियो वायरल होने पर मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था। इस मामले में न्यायालय ने पीड़ित छात्र का शहर के शारदेन स्कूल में दाखिला कराने के आदेश दिए थे। सत्र 2023-24 में छात्र ने शारदेन स्कूल से कक्षा दो उत्तीर्ण की। अब वह कक्षा तीन में पहुंचा है। छात्र के पिता इरशाद ने आरोप लगाया कि अब उसके बेटे को विभाग की ओर से यूनिफार्म और नई किताबें नहीं दिलाई जा रही हैं। आरोप यह भी लगाया है कि वह पिछले आठ दिन से चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसकी सुनवाई नहीं हो रही है।
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इस तरह सुनाई आपबीती, भावुक हो गए

छात्र के पिता ने बताया कि उसके बेटे का 28 मार्च को परीक्षाफल घोषित हुआ था। इसके बाद उसने एक अप्रैल को बीएसए कार्यालय में लिखित पत्र देते हुए नई यूनिफॉर्म और किताबों की मांग की थी, लेकिन अभी तक वह नहीं दिलवाई गई हैं। उधर, स्कूल की अध्यापिकाएं लगातार किताबें और यूनिफाॅर्म के लिए जोर दे रही हैं। इरशाद ने कहा कि उसे फरवरी और मार्च माह का परिवहन खर्च भी नहीं दिया गया है। पहले तो उसका बैंक खाता खुलवाया गया है, लेकिन अब वह कैश ही देते हैं। 200 रुपये रोज के हिसाब से परिवहन खर्च दिया जाता है, जो समय से नहीं मिलता है। पीड़ा सुनाते-सुनाते इरशाद भावुक हो गए। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला का कहना है कि अभी नए सत्र की शुरुआत हुई है। छात्र की यूनिफाॅर्म और किताबों का इंतजाम किया जा रहा है। एक या दो दिन में उसे सामग्री उपलब्ध करा दी जाएगी।
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यह था पूरा मामला

खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार करने की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज हो गई थी। महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसकी सुनवाई चल रही है।
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