संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। मंसूरपुर के गांव खुब्बापुर गांव में स्कूल में अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र को थप्पड़ लगवाने के मामले में आइजी मेरठ नचिकेता झा के जांच शुरू करने के बाद से थाना पुलिस में हड़ंकप है, क्योंकि आईजी ने कई बिंदुओं पर बारीकी से जांच शुरू की है।
24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र की खुब्बापुर स्कूल में पिटाई के बाद वीडियो वायरल किया गया था। इस बारे में कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पोते तुषार गांधी के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने पर कोर्ट ने वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी से जांच कराने के आदेश दिए थे। इसी के चलते शासन से नामित जांच अधिकारी आईजी मेरठ नचिकेता झा ने सोमवार को मंसूरपुर थाने पहुंच कर पुलिस अधिकारियों से जानकारी व पीडित तथा आरोपी पक्ष से भी बातचीत की थी।
संभावना जताई जा रही है कि वीडियो कहां से वायरल की गई। वीडियो का कहीं एडिट तो नहीं किया गया यदि ऐसा हुआ है तो कहां पर। वीडियो वायरल करने के पीछे कौन से कारण थे। मामले में दर्ज एनसीआर में धाराओं की बढ़ोतरी कब की गई। सहित अन्य कई बिंदुओं पर जांच शुरू की है। चूंकि आइजी मेरठ जांच कर रहे हैं इसलिए सभी अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं।
यह था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर अल्पसंख्यक समुदाय के एलकेजी के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप लगाया गया। प्रकरण के दौरान पीडि़त छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर अब एफआईआर दर्ज हो गई है। खुब्बापुर गांव के पीडि़त छात्र का अभी तक किसी स्कूल में प्रवेश नहीं हो सका है। जमीयत उलमा ने छात्र के घर पर शिक्षक भेजकर पढ़ाई शुरू करा दी है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक शिक्षक रोजाना घर पर पहुंचकर छात्र को पढ़ाने का कार्य करेगा। उधर, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद आरोपी शिक्षिका तृप्ता त्यागी के खिलाफ एनसीआर को एफआईआर में बदल दिया गया था। किशोर न्याय अधिनियम की धारा बढ़ाकर जांच की जा रही है।