मुजफ्फरनगर। अब तक नोटबंदी ने लोगों का चैन छीना है। घंटों बैंकों की लाइन में लगकर पैसा निकाला। केंद्र सरकार ने खातों पर सीधी नजर रखने के लिए पैन कार्ड अनिवार्य कर दिया। इसके साथ ही बैंकों में भी 50 हजार का लेन-देन बिना पैन कार्ड दिए जाने पर ही संभव हो रहा है। इसके चलते पैन कार्ड बनवाए जाने को लेकर लोगों के आवेदन बढ़ गए हैं।
नए और पुराने बैंक खातों के लिए केंद्र सरकार ने पेन कार्ड जरूरी कर दिया है। प्रत्येक खाताधारक को पेन कार्ड की जीरोक्स जमा कराने पर ही ट्रांजेक्शन की इजाजत मिलेगी। बैंकों में पैन कार्ड जमा कराए जाने के लिए 28 फरवरी तक का समय है। ऐसे में पैन कार्ड बनवाने के लिए आम खाताधारकों ने भी आवेदन कर रखे हैं। पहले लोगों को नोटबंदी ने रुलाया है, अब पैन कार्ड के इंतजार ने चक्कर लगवा रखे हैं। बैंकों में बिना पैन कार्ड के एटीएम भी देना बंद हो गए हैं। 50 हजार रुपये के लेन-देन पर ग्राहक को आईडी के साथ पैन कार्ड की जीरोक्स देनी पड़ रही है।
कचहरी में पैन कार्ड एजेंट दिनेश कुमार ने बताया कि पहले जहां सप्ताह में ही चार से पांच पैन कार्ड के आवेदक आते थे। अब रोजाना 10 से 15 तक आवेदन पैन कार्ड के लिए आ रहे हैं। हालांकि आयकर विभाग ने भी पैन कार्ड जारी करने के समय को बढ़ा दिया है। पहले 21 दिन में पैन कार्ड आवेदक के निवास स्थान पर पहुुंच जाता था, अब एक से डेढ़ माह का समय लग रहा है।
लीड बैंक मैनेजर एसके जैन ने बताया कि प्रत्येक खाताधारक को बैंक में अपना पेन कार्ड जमा कराना होगा। उसके बाद ही सही रूप से लेन-देन अनिवार्य रहेगा। जिन खाताधारकों के पास पैन कार्ड नहीं है, बैंक में फार्म नंबर-60 और 61 भरवाया जा रहा है। 28 फरवरी तक सभी खातों को पेन कार्ड से लिंक करना है।