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कवाल कांड: दोहरे हत्याकांड में सभी सात आरोपी दोषी करार

Thu, 07 Feb 2019 12:36 AM IST
Deepak Kausik अमर उजाला ब्यूरो/ मुजफ्फरनगर
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कवाल कांड के दोषियों को पकड़कर ले जाती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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बहुचर्चित कवाल कांड में मलिकपुरा के गौरव और उससे ममेरे भाई सचिन की हत्या के केस में एडीजे कोर्ट संख्या-7 ने सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। अदालत ने सजा सुनाने के लिए आठ फरवरी की तारीख नियत की है। दोषी करार दिए जाने के बाद छह हत्यारोपियों को जेल भेज दिया गया, जबकि एक हत्यारोपी बुलंदशहर जेल में बंद है। 27 अगस्त 2013 को हुई इस घटना के बाद ही मुजफ्फरनगर और शामली में दंगा भड़क गया था।
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इस मामले में मृतक गौरव के पिता रविंद्र सिंह की ओर से जानसठ कोतवाली में कवाल के मुजस्सिम व मुजम्मिल पुत्र नसीम, फुरकान पुत्र फजला, जहांगीर, नदीम, शाहनवाज (मृतक) पुत्र सलीम, अफजाल व इकबाल पुत्र बुंदू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। तभी से ही मुजस्सिम, मुजम्मिल, फुरकान, नदीम, जहांगीर जेल में बंद हैं, जबकि  दो आरोपियों अफजाल और इकबाल को हाई कोर्ट से जमानत मिल गई थी। मुजम्मिल इन दिनों बुलंदशहर जेल में बंद है।

अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी जितेंद्र त्यागी, अंजुम खान, आशीष त्यागी और वादी के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने कोर्ट में दस गवाह और सुबूत पेश किए। मुकदमे में जजमेंट की तारीख होने के चलते बुधवार को जिला कारागार से चार आरोपियों  मुजस्सिम, फुरकान, जहांगीर और नदीम को दोपहर करीब सवा दो बजे कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया, जबकि जमानत पर बाहर चल रहे अफजाल और इकबाल स्वयं कोर्ट में पहुंचे।
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बुलंदशहर पुलिस मुजम्मिल को फोर्स की कमी के कारण यहां लाकर कोर्ट में पेश नहीं कर सकी।  एडीजे कोर्ट संख्या सात हिमांशु भटनागर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सभी सातों आरोपियों को सचिन और गौरव की हत्या में दोषी करार दिया।सजा पर सुनवाई के लिए आठ फरवरी की तारीख तय की। दोषी करार दिए जाने के बाद मुजम्मिल के अलावा अन्य छह हत्यारों को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया।

यह था मामला
गांव कवाल में 26 अगस्त 2013 को मलिकपुरा निवासी गौरव और कवाल निवासी मुजस्सिम के बीच बाइक साइकिल से टकराने पर कहासुनी हो गई थी। इसी विवाद में अगले दिन मुजस्सिम, उसके साथी शाहनवाज और गौरव, उसके ममेरे भाई सचिन के बीच मारपीट हो गई, जिसमें गौरव व सचिन की पीट पीटकर हत्या कर दी गई थी। घायल शाहनवाज ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया था। 28 अगस्त को सचिन और गौरव के अंतिम संस्कार से लौट रही भीड़ ने कवाल में पथराव और आगजनी कर दी थी।

इस मामले में 30 अगस्त को शहर के खालापार में जुम्मे की नमाज के बाद दूसरे समुदाय की भीड़ ने डीएम और एसएसपी को ज्ञापन दिया था तो दूसरे पक्ष ने सचिव और गौरव की हत्या के मामले में कार्रवाई के लिए 31 अगस्त को नगला मंदौड़ में पंचायत बुला ली थी। सात सितंबर को फिर से इस मामले में नगला मंदौड़ में पंचायत हुई। पंचायत से लौट रहे लोगों पर हमले के बाद जिले में दंगा भड़क गया था।

बलवे और हत्या की धाराओं में ठहराया दोषी
 कवालकांड के आरोपी मुजस्सिम व उसके भाई मुजम्मिल,  फुरकान, जहांगीर, नदीम, अफजाल, उसके भाई इकबाल को कोर्ट ने बलवे की धारा 147,148,149, हत्या (302) और धमकी देने की धारा (506) में दोषी करार दिया है।

सेवन क्रिमिनल लॉ एमेंडमेंट एक्ट में किया दोषमुक्त
- वादी पक्ष के अधिवक्ता अनिल जिंदल ने बताया कि पुलिस ने आरोपियों पर सेवन क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट 1932 की  धारा भी लगाई थी। न्यायालय ने इस धारा को लगाए जाने को सही नहीं माना है और आरोपियों को इस धारा में दोषमुक्त किया है।
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