मार्ग में पड़े पत्थरों के बीच से गुजरते कांवड़िये।
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कांवड़ मार्ग की कंकर भोलों के पैर छील रही है। दिल में शंकर और पैरों में कंकर की स्थिति बनी है। पैरों में घावों के कारण स्वास्थ्य शिविरों में घायल कावंड़ियों की संख्या बढ़ रही है। शिव चौक पर लगे स्वास्थ्य विभाग के शिविर में कंकर आदि से घायल 24 भोलों के पैरों की ड्रेसिंग की गई। रुड़की रोड़ पर शिवसेना के शिविर में तैनात चिकित्सक ने आठ भोलों के पैरों से कंकर निकाली। 100 से अधिक शिवभक्तों की ड्रेसिंग करने के साथ दवाई दी गई।
जिला प्रशासन के मार्गों को दुरुस्त करने के दावे की पोल भोलों के पैरों को काट रही कंकर खोल रही है। घायल भोले स्वास्थ्य शिविरों में उपचार करा रहे हैं। शहर के शिवचौक पर स्वास्थ्य विभाग ने बुधवार से शिविर का प्रारंभ किया हैं। पहले दिन ही 52 भोले शिविर में आए। इनमें से 24 ऐसे थे जो पैरों से घायल थे, कंकर आदि लगने से उनके पैर छीले हुए थे।
यहां तैनात डॉ योगेश कुमार ने बताया कि जिन भोलों के पैरों में चोट थी उन सबकी ड्रेसिंग की गई। दिल्ली के कांवड़िये पिंटू ने बताया कि इस बार रास्ता बहुत खराब है, सभी को परेशानी हो रही है। पैर में खून निकलने के बाद उसे पट्टी बंधवाकर चलना पड़ रहा है। रुड़की रोड पर लगने वाले शिवसेना कांवड़ शिविर में चिकित्सा की अलग से व्यवस्था की गई है।
यहां तैनात डॉ प्रेम कुमार ने बताया कि इस बार कंकर चुभने वाले भोले काफी संख्या में आ रहे हैं। आठ भोलों के पैरों में उन्होंने कंकर निकाली है। 100 से ज्यादा को दवाई दी गई है और उनकी ड्रेसिंग की गई है। डाक्टर के सहायक के रूप में कार्य कर जगपाल शर्मा ने बताया कि नोएडा का युवक अनिल तो बहुत ज्यादा तड़प रहा था, उसके पैर में फंसी कंकर काफी गहरी थी।
यहां ड्रेसिंग कराने वाले जिंद के राजकुमार सिंह ने बताया पैर में कंकर चुभने के बाद भी उसे नंगे पैर चलना पड़ा। बहादुरगढ हरियाणा के मनीष ने बताया कि रामपुर तिराहे से पहले उसके पैर में कंकर लग गई और पैर फट गया। वह कई साल से आ रहा है, पहली बार इतनी खराब सड़क देख रहा हुं। शिविर संचालक शिव सेना नेता ललित मोहन शर्मा का कहना है कि हमारी याद में इससे खराब व्यवस्था कभी नहीं रही। प्रशासन काम कम और दिखावा ज्यादा कर रहा है।