ट्रेड फेयर में आयोजित कवि सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर ओजस्वी कवि हरिओम पवार साथ में मंत्री अनिल
मुजफ्फरनगर। ट्रेड फेयर में आयोजित कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने ओजस्वी कवियों की रचनाओंं का आनंद लिया। मेले में देश के सुप्रसिद्ध कवि हरिओम पंवार की उपस्थिति और उनकी ओजस्वी कविता-पाठ ने कार्यक्रम की शोभा को और अधिक बढ़ा दिया। श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया। उन्होंने कश्मीर पर कुछ यूं कहा ‘कश्मीर था जहां हमारा राष्ट्रगान शर्मिंदा था, भारत मां को गाली देकर भी खलनायक जिंदा था, मैं घायल घाटी के दिल की धड़कन गाने निकला था।’
देर रात शहर के ऐतिहासिक नुमाइश ग्राउंड में ट्रेड फेयर 2025 का शुभारंभ हुआ। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। उनके साथ राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, सांसद एवं सपा राष्ट्रीय महासचिव हरेन्द्र मलिक, मीरापुर विधायक मिथलेश पाल, पूर्व विधायक विक्रम सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला भी मौजूद रहे। कवि सम्मेलन में कवि सुदीप भोला ने अपनी कविताओं से तालियां बटोरी। उन्होंने राजनीतिक दलों पर तंज कसा। इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस में अधिकारी एवं कवयित्री डॉ. अंजू सिंह, दिनेश रघुवंशी, विकास विजय, प्रियांशु गजेन्द्र आदि ने कविता पाठ किया।
मंच से ही उखड़ गए हरिओम पंवार, जताई नाराजगी
कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार और राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल के मीडिया कर्मियों से मुखातिब होने पर हरिओम पंवार ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मंच से ही नेताओं को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि नेता तो यही रहते हैं, लेकिन ऐसे सुप्रसिद्ध कवियों को सुनने का मौका कम ही मिलता है। कहा कि जब कवि सम्मेलन शुरू हो जाए तो फिर विधानसभा जैसा माहौल नहीं होना चाहिए।
ट्रेड फेयर में आयोजित कवि सम्मेलन के उद्घाटन अवसर पर ओजस्वी कवि हरिओम पवार साथ में मंत्री अनिल