कांधला। मतदान की तिथि नजदीक आने के साथ ही प्रत्याशियों में शह मात का खेल शुरू हो गया। कांधला क्षेत्र में सियासी चाल से ही तीन गांवों में क्षेत्र पंचायत सदस्यों के सभी उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र वापस ले लिया।
इन गांवों में सिर्फ जिला पंचायत सदस्य के लिए ही मतदान होगा। वहीं, कांधला ब्लाक कार्यालय से शनिवार को कुल 85 प्रत्याशियों ने चुनाव मैदान छोड़ दिया।
कांधला विकास खंड में बीडीसी के लिए कुल 499 नामांकन पत्र जमा कराए गए थे। जिसमें जांच के दौरान 3 पर्चे निरस्त होने के साथ शनिवार को 85 पर्चे वापस हुए। रिटर्निंग आफिसर विष्णु कुमार ने बताया कि गांव इस्सोपुरटील, डुंडुखेड़ा और गढ़ी रामकौर में कुल 32 बीडीसी प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरे थे।
उक्त सभी ने अपने नामांकन वापस ले लिये। इसमें वार्ड 32 से 3 नामांकन, 33 से 6, 34 से 5, 35 से 4, 36 से 6 तथा वार्ड 37 से 10 नामांकन वापस हुए हैं, जिसके साथ ही उक्त तीनों गांवों में अब बीडीसी का चुनाव नहीं होगा। तीन गांवों से अचानक सभी बीडीसी सदस्यों के पर्चे वापस लेने को सियासी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
दरअसल, ये तीनों गांव जिला पंचायत के वार्ड 14 में आते हैं। इस सीट पर मौजूदा जिला पंचायत चेयरमैन मनीष चौहान चुनाव लड़ रहे हैं। विष्णु कुमार ने बताया कि क्षेत्र पंचायत वार्ड नंबर 61 से प्रत्याशी निर्मला पत्नी इंद्र सिंह अकेली प्रत्याशी हैं।
110 प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंंटित
शामली। कलक्ट्रेट में डीएम कोर्ट में तीसरे चरण के शामली - कांधला ब्लाक के जिला पंचायत के 14, 15, 16, 17, 18 और 19 वार्ड से 115 नामांकन भरे थे। इसमें एक वार्ड 14 से रेखा देवी का नामांकनपत्र गलत प्रस्तावक होने के कारण निरस्त हो गया था।
शनिवार को जिला पंचायत के वार्ड 14 से नीरज कुमार, गौतम जैन और सुनील कुमार, वार्ड 16 से सुदेश ने निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपने नामांकन पत्र वापस लिए। सहायक निर्वाचन अधिकारी डॉ. भूपेंद्र सिह ने बताया तीसरे चरण के लिए चार प्रत्याशियों के नामांकन पत्र वापस लेने के बाद 110 प्रत्याशियों को चुनाव आवंटित किए।