मंदिरों और घरों में कलश स्थापना हुई
मुजफ्फरनगर। शारदीय नवरात्र महोत्सव शुरू हो गए। श्रद्धालुओं द्वारा मंदिरों और घरों में कलश स्थापित किए गए। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री की पूजा अर्चना की गई। घरों में मां दुर्गा शक्ति के स्वरूप सांझी की आराधना की गई। कोरोना काल के चलते इस बार कलश यात्राएं नहीं निकाली गई।
शारदीय नवरात्र पर नगर के सभी मां दुर्गा और देवी मंदिरों को भव्य रूप से रंगीन रोशनी से सजाया गया। नौ दिनों 25 अक्तूबर तक चलने वाले नवरात्र महोत्सव के दौरान मंदिरों और घरों में मां दुर्गा की विशेष पूजा अर्चना की जाएगी। नगर में गांधी कालोनी स्थित मां वैष्णो देवी मंदिर, श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, नई मंड़ी के मां दुर्गा मंदिर, सनातन धर्म सभा भवन में देवी मंदिर, नदी घाट दुर्गा मंदिर, शामली रोड स्थित मां शाकंभरी मंदिर समेत सभी देवी मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। नवरात्र के पहले दिन घरों और मंदिरों में विधि विधान से घट स्थापना की गई। घरों में शारदीय नवरात्र पर मां दुर्गा के शक्ति का स्वरूप सांझी की स्थापना की गई। इस बार कोराना काल के चलते कलश यात्राएं नहीं निकाली गई। गांधी कॉलोनी के वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ रही। मंदिर के बाहर दुकानें लगाई गई। जहां पर श्रद्धालुओं ने माता का श्रृंगार, पूजन सामग्री, चुनरी, नारियल आदि की खरीदारी की। भरतिया कॉलोनी के मनकामेश्वर महादेव मंदिर में पुजारी पंडित अरुण मिश्रा ने कलश स्थापना कराई। मनोरमा, राधिका, कृष्णा, प्रिया, ऋडतिक, अंकित अनुज आदि मौजूद रहे। उधर, मोतीमहल के पूर्व शिक्षिका 86 वर्षीया सुशीला शर्मा के यहां भी विशेष पूजा हुई। कलश स्थापना के दौरान अतुल, कविता, दीपक, राजीव आदि मौजूद रहे।
कोविड प्रोटोकॉल का हो रहा पालन
मुजफ्फनगर। नवरात्र में मंदिरों में कोविड प्रोटोकॉल का पालन हो रहा है। पंडित अरुण मिश्रा ने बताया कि मंदिर में सुबह और शाम को विशेष पूजा की जाएगी। कोविड प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा गया है। सोशल डिस्टेंस का पालन किया गया है। सैनिटाइजर की भी व्यवस्था मंदिर में गई है।