सबूतों के आधार पर नहीं दिया फैसला : महमूद मदनी
देवबंद (सहारनपुर)। अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय महासचिव व पूर्व राज्यसभा सांसद मौलाना महमूद मदनी ने असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सच्चाई और सबूतों के आधार पर फैसला नहीं दिया।
रविवार को बयान जारी कर महमूद मदनी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों ने एक तरफ तो अपने फैसले में बाबरी मस्जिद के अंदर मूर्ति रखने और फिर उसे तोड़ने को गलत और जुल्म ठहराया है। दूसरी तरफ इसके विपरीत फैसला दे दिया। जब देश आजाद हुआ और भारतीय संविधान को लागू किया गया तो उस समय भी वहां मस्जिद थी। मदनी ने कहा कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस गांगुली ने भी बयान दिया है कि इतिहास के विद्यार्थी होने के बावजूद उनके लिए यह फैसला न समझ में आने वाला है।