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नियमित योग से जोड़ों के दर्द से मुक्ति संभव

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नियमित योग से जोड़ों के दर्द से मुक्ति संभव
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मुजफ्फरनगर। भारतीय योग संस्थान के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेंद्र पाल सिंह आर्य ने कहा कि जोड़ों का दर्द एक वात रोग है। नियमित योगाभ्यास और उचित खानपान से इस रोग से मुक्ति संभव है।
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ग्रीन लैंड माडर्न जूनियर हाईस्कूल में चल रहे जोड़ दर्द निवारण शिविर में उन्होंने बताया कि हमारे शरीर में तीन धातुएं हैं, वातावरण, पित्त और कफ। स्वस्थ शरीर में ये तीनों धातुएं सम अवस्था में रहती हैं, लेकिन यदि शरीर में किसी एक धातु का प्रकोप बढ़ जाता है, तो हम बीमार हो जाते हैं। अधिकतर रोग वात, पित्त और कफ जनित ही होते हैं। जोड़ों का दर्द वात जनित रोग है। यदि इस रोग पर यथाशीघ्र ध्यान न दिया जाए तो आगे चलकर यह गठिया रोग में परिवर्तित हो जाता है, जो बहुत ही पीड़ादायक व व्यक्ति को अपंग बना देता है। इस रोग से ग्रस्त रोगी को ठंडा, दही, फ्रिज का पानी, उड़द की दाल व चावल का त्याग कर देना चाहिए। उन्होंने आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी। इस अवसर पर काफी संख्या में लोगों ने भाग लिया। मुख्य रूप से राजपाल सुजडू, ऋषिपाल पीनना, मुकेश कुमार, केंद्र प्रमुख राजसिह पुंडीर, योग शिक्षक यज्ञदत्त आर्य, राजीव रघुवंशी, रजनी, ऋतु, अंजलि, रेखा शर्मा, दामिनी, गीता, नीलम राठी, रेनू व सुमन गर्ग आदि का सहयोग रहा। शनिवार को हृदय रोग निवारण शिविर का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हृदय रोग निवारण में सहायक आसन और प्राणायाम कराए जाएंगे।
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