...तेरे झूले पे जाऊं बलिहार रसिया मैं तो झूलूंगी
देवबंद। प्राचीन सिद्धपीठ श्री राधा वल्लभ मंदिर में श्रीराधा नवरंगी लाल जी महाराज का झूला उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। रसिकों ने फूल पत्तों का झूला बनाकर ठाकुरजी व राधा रानी को उसमें विराजमान कराकर झूला झुलाया।
उत्सव में ठाकुर जी को नई जरी की पोशाक धारण कराकर सेवाधिकारी द्वारा झूला झुलाया गया। ठाकुरजी व राधे रानी को पंच मेवे फल का भोग लगाया गया। इस दौरान रसिकों ने झूले के पद का गायन किया। ललना लाल हिंडोरा झूले, सावन में मन भावन मन की, मन भावन काहे फूले, तथा रुठी हुई राधारानी को झूला झुलाने को रसिकजन कहते हैं, प्यारी झूलन पधारो झुक आए बदरा, झुक आए बदरा घिर आए बदरा। ऐसो मान नहीं कीजे हठ तजिए अलि, तू तो परम सयानी बृषभान की लली। रसिक प्रीतम पग जोवत खड़ी दोऊ कर जोडे़ तेरे चरण पड़ी और तेरे झूले पे जाऊ बलिहार रसिया मैं तो झूलूंगी तेरे संग श्याम रसिया आदि पदावली गाकर रसिकजनों ने आनंद लिया। मंदिर के सेवाधिकारी नीरज गोस्वामी ने बताया कि झूला उत्सव 1अक्तूबर तक मनाया जाएगा। इसमें दीपक गोस्वामी, हितेश गोस्वामी, निकुंज गोस्वामी, अभिषेक गोस्वामी, सुशील गोयल, अजय अग्रवाल, शिवकुमार वर्मा, अरुण गोयल, राजकिशोर गुप्ता, योगेंद्र गोयल, मनोज गोयल, अमित कंसल, मोनू बंसल, ओमकुमार वर्मा, प्रमोद वर्मा, प्रदीप गोयल, विकास गर्ग आदि रहे ।