चिल्लागाह पर फिर चली जेसीबी, तोड़ा भवन
मोरना/ भोपा। (मुजफ्फरनगर) क्षेत्र के बिहारगढ़ गांव में वन विभाग की करीब एक सौ बीघा जमीन पर बने पीर खुशहाल के चिल्लागाह पर रविवार को फिर प्रशासन की जेसीबी चली। दो जेसीबी से आवासीय क्षेत्र का हिस्सा तोड़ा गया। इस दौरान कई थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी के साथ अफसर तैनात रहे।
एडीएम प्रशासन अमित कुमार सिंह, डीएफओ सूरज, एसडीएम जानसठ अजय अंबष्ट, सीओ भोपा सोमेंद्र नेगी राजस्व टीम के साथ रविवार दोपहर भोपा, ककरौली, जानसठ और मीरापुर थाने की फोर्स और पीएसी के साथ दो जेसीबी लेकर बिहारगढ़ पहुंचे, जहां पर जेसीबी से खानकाहे व खुशहालिया भवन के आवासीय क्षेत्र के हिस्से को तोड़ा गया। उधर, चिल्लागाह के सज्जादा नसीन सूफी जव्वाद अहमद ने डीएफओ को यह समझाने की कोशिश की कि मामला अल्पसंख्यक आयोग और ट्रिब्यूनल में है। निर्णय तक चिल्लागाह को तोड़ने का काम रोक दिया जाए। डीएफओ सूरज ने कहा कि पीर खुशहाल के परिजन वर्ष 2016 में हाईकोर्ट में मुकदमा हार गए थे। अल्पसंख्यक आयोग को इसमें कोई अधिकार नहीं है। लीज का समय पूरा हुए 15 साल हो चुके हैं। हर हाल में वन विभाग की साढ़े छह हेक्टेयर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा।
चिल्लागाह तोड़े जाने पर विरोध जताया
मुजफ्फरनगर। पीर खुशहाल के चिल्लागाह पर प्रशासन द्वारा जेसीबी चलाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इस सूचना पर देशभर से पीर खुशहाल के समर्थन में अनुयायी एकत्र हो रहे हैं। रविवार को मैसूर, दिल्ली, करनाल, कोटद्वार, मेरठ, सहारनपुर आदि जगहों से काफी संख्या में अकीदतमंद पहुंचे तथा चिल्लागाह को तोड़ जाने का विरोध किया। करनाल से आए भगवंत सिंह व नवराज, सूफी दिल नवाज , मैसूर के सलीम, अब्दुल्ला, आफताब, बदायूं से आए सुजात हुसैन, दिल्ली के रईस, सलीम ने ध्वस्तीकरण का विरोध किया। यह भी कहा कि शासन प्रशासन उनसे जमीन के बदले जमीन ले ले। मगर, विरोध करने वालों की एक नहीं चली। प्रशासन की टीम करीब दो घंटे की कार्रवाई के बाद लौट आई। एडीएम अमित सिंह ने बताया कि कार्रवाई लगातार जारी रहेेगी।
मुजफ्फरनगर के बिहारगढ़ के चिल्लागाह में गिराया गया वन विभाग की भूमि पर बना अवैध निर्माण।- फोटो : MUZAFFARNAGAR