मुजफ्फरनगर : सिसौली में रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह को आशीर्वाद देते भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकै?
- फोटो : MUZAFFARNAGAR
सिसौली (मुजफ्फरनगर)। रालोद अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह ने भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से उनके आवास पर पहुंचकर मुलाकात की और दोनों ने साथ खाना खाया। जयंत सिंह चलने लगे तो भाकियू अध्यक्ष ने उनके सिर पर हाथ रखा। सियासी गलियारों में दिनभर यह मुलाकात चर्चा का विषय रही। टिकैत ने कहा कि किसान भाजपा से निराश है। सर्वसमाज को अब धरती की पुकार समझ लेनी चाहिए।
रविवार को रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह का काफिला कसबे की पट्टी चौधरान स्थित भाकियू अध्यक्ष के आवास पर पहुंचा। रालोद अध्यक्ष ने बघरा जाने से पहले टिकैत के साथ दाल-रोटी खाई और किसानों के मुद्दों पर बातचीत की। इस दौरान टिकैत के आवास पर सैकड़ों किसान एकत्र हो गए। मुलाकात के बाद टिकैत ने कहा कि सर्वसमाज और किसानों को सब समझ जाना चाहिए। दिल्ली के बॉर्डर पर इतने लंबे आंदोलन के बावजूद भाजपा ने किसानों को हक नहीं दिया। किसान मारे गए, लेकिन भाजपा किसानों पर टिप्पणी करती रही। किसान उस दुख को कभी नहीं भुला सकेंगे। दिनभर सोशल मीडिया और सियासी गलियारों में इस मुलाकात की चर्चा रही।
सिसौली मेरा परिवार है : जयंत सिंह
रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने कहा कि सिसौली मेरा परिवार है। भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत से वह आशीर्वाद लेने आए हैं। सर्वसमाज के लोग भाजपा को सत्ता से उखाड़ फेंकने के लिए एक हो गए हैं। किसानों को इसी भाजपा सरकार में 13 महीने बॉर्डर पर बैठना पड़ा।
हमारा तीन पीढ़ियों का नाता : टिकैत
भाकियू अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि हमारा तीन पीढ़ियों का साथ है। खाप चौधरी होने के नाते कई जिम्मेदारियां है, लेकिन चीजें नहीं बोल सकते। लेकिन यह साफ हो गया है कि जनता अब बदलाव चाहती है। किसान भाजपा से बेहद निराश है। दिल्ली में जो हुआ वह ठीक नहीं था।
35 साल से जल रही जोत में चढ़ाया घी
सिसौली में पिछले 35 साल से जल रही अमर ज्योति पर रालोद अध्यक्ष जयंत सिंह ने घी चढ़ाया। करमूखेड़ी आंदोलन के दौरान यह ज्योति जलाई गई थी। तब से अब तक किसानों ने इस ज्योति को बुझने नहीं दिया है।