बाबा देवपाल से टिकैत तक याद दिलाए महापुरुष
गृहमंत्री अमित शाह के सामने खापों के स्वर्णिम इतिहास से लेकर वर्तमान दौर तक समाज के योगदान को गिनाया गया। निरपुड़ा के विक्रम राणा ने इतिहास पुरुष बाबा देवपाल की याद दिलाई। सर छोटूराम, चौधरी चरण सिंह और स्वर्गीय चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत के समाज और राष्ट्र के लिए दिए गए योगदान के विषय में भी शाह को बताया गया।
पश्चिम की सियासत में बालियान का कद बढ़ा
कैबिनेट का जिक्र छिड़ा तो गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि डॉ. संजीव बालियान मेरे छोटे भाई है। वह कैबिनेट मंत्री से कम नहीं है। अमित शाह ने बालियान को अपनी बगल में बैठाया था। बालियान ने जाट समाज के नेताओं से चुनाव में जुटने का आह्वान भी किया।
मलिक के लिए अमित शाह ने छोड़ दी कुर्सी
जाट समाज के साथ आयोजित बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने अध्यक्षता कर रहे जयवीर सिंह मलिक के लिए कुर्सी छोड़ दी। जैसे ही मलिक मंच पर पहुंचे तो शाह ने उन्हें अपनी कुर्सी दे दी। जिसके बाद मंच पर एक दूसरी कुर्सी का इंतजाम किया गया। प्रवेश वर्मा ने अतिथियों को पगड़ी पहनाई।
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यह रहे मौजूद
हरियाणा के पूर्व मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष मोहित बेनीवाल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, बागपत के सांसद एवं पूर्व मंत्री सतपाल सिंह, सुभाष चौधरी, राजू अहलावत, कपिल चौधरी, नितिन मलिक, पूर्व ब्लाक प्रमुख जितेंद्र धामा मौजूद रहे।
एक साल से सरकार को ढूंढ रहे किसान : टिकैत
भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि किसान एक साल से सरकार को ढूंढ रहे हैं। जनवरी 2021 में आखिरी बार सरकार ने किसानों से बातचीत की थी। इसके बाद सरकार नहीं मिली, सिर्फ वादे मिले हैं। एमएसपी पर कानून के वायदे को सरकार ने पूरा नहीं किया। इस बार किसान खुद तय करेंगे कि उन्हें किसकी कौन सी बात पर भरोसा करना है। सरकार किसानों से मुद्दों पर बात नहीं कर रही है।