देवबंद (सहारनपुर)। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जिला संयोजक राव मुशर्रफ अली ने जमीयत उलमा-ए-हिंद के अधिवेशन को हिंदू-मुस्लिमों के बीच नफरत फैलाने वाला बताया है। आरोप लगाया कि जमीयत कांग्रेस पार्टी की गोद में बैठकर देश में दंगा फसाद कराना चाहती है।
रविवार को सोशल मीडिया पर जारी बयान में राव मुशर्रफ अली ने कहा कि जमीयत उलमा ए हिंद ने ज्ञानवापी और मथुरा को लेकर देवबंद में जो अधिवेशन किया है वह सरासर गलत है। जब मामला कोर्ट में विचाराधीन है तो इन्हें कोर्ट के फैसले का इंतजार करना चाहिए था। जमीयत उलमा ए हिंद ने हमेशा मुसलमानों के जज्बातों को भड़काकर देश में दंगा व फसाद कराया है। हमेशा भोले भाले मुसलमानों को छलने का काम किया। जमीयत हमेशा चाहती है कि देश में दंगा और नफरत का माहौल पैदा हो ताकि इनके पास हवाला के जरिये विदेशों से ज्यादा से ज्यादा पैसा आए। वर्तमान सरकार जो मुगलों द्वारा सनातन धर्म के लोगों पर जुल्म किए गए थे और मंदिर तोड़कर उनके ऊपर मस्जिद बनाई गई थी सरकार उस सच्चाई को आज उजागर कर रही है। उसी से खिन्न होकर जमीयत उलमा ए हिंद ने यह हुजूम जोड़ा है। आज लोगों को खासकर उलमा ए दीन को भड़काने का काम किया गया, जबकि हदीस में हिंसा का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीयत कांग्रेस पार्टी की गोद में बैठकर देश को नफरत की आग में झोंककर फसाद कराना चाहती है ताकि 2024 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार सत्ता में आए।