ईदगाह मैदान में धरनास्थल पर लगाया गया जमीयत का झंडा व राष्ट्रीय ध्वज
- फोटो : DEVBAND
देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में जमीयत उलमा-ए-हिंद का पूर्व घोषित विरोध प्रदर्शन नहीं हो पाया। इस बारे में जमीयत के पदाधिकारी कुछ भी कहने से बचते रहे। सूत्रों के अनुसार भीड़ नहीं जुटने के कारण धरना प्रदर्शन नहीं हो सका। वहीं, प्रशासन से भी इस कार्यक्रम के बारे में कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
जमीयत उलमा-ए-हिंद (महमूद मदनी गुट) द्वारा पिछले मंगलवार को सीएए के विरोध में देवबंद के ईदगाह मैदान में धरना प्रदर्शन किया गया था। बृहस्पतिवार को भी इसी तरह के धरना प्रदर्शन की घोषणा की गई थी। दोपहर के समय कुछ लोगों ने ईदगाह मैदान में जमीयत और तिरंगा झंडा तो लगा दिया, लेकिन तीन बजे तक जमीयत का कोई भी पदाधिकारी धरना स्थल पर नहीं पहुंचा। कार्यक्रम स्थल पर महज 30-40 लोग ही खड़े नजर आए। जमीयत के कुछ पदाधिकारी ईदगाह मैदान से कुछ दूर एक स्थान पर बैठे रहे। यह भी बताया जाता है कि जमीयत की देवबंद यूनिट द्वारा 250 लोगों के नाम गिरफ्तारी के लिए लिखवा भी दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद भी कार्यक्रम न होना चर्चा का विषय बना रहा। जमीयत का कोई भी पदाधिकारी यह बताने को तैयार नहीं है कि यह कार्यक्रम क्यों नहीं हुआ। वहीं कुछ सूत्र बताते हैं कि कार्यक्रम में भीड़ इकट्ठी नहीं हो पाई थी। एडीएम (एफ) विनोद कुमार ने बताया कि जमीयत का कार्यक्रम नहीं हो पाया है। पूर्व में आयोजित बिना अनुमति कार्यक्रम करने पर प्रशासन कड़ा संज्ञान ले रहा है। क्योंकि पूर्व में कार्यक्रम के आयोजन पर डीएम आलोक कुमार पांडेय पर कड़ी नाराजगी जता चुके हैं।
धरनास्थल पर आपस में चर्चा करते लोग- फोटो : DEVBAND