देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि त्रिपुरा में हुई हिंसा ने देश की छवि को दुनिया में खराब करने का काम किया है, लेकिन अफसोस की बात यह है कि इतना सब कुछ होने के बाद भी उपद्रवियों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
शनिवार को जारी बयान में मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि त्रिपुुरा में विशेष विचारधारा को मानने वाली पार्टी ने सत्ता संभाली है, जब से सांप्रदायिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं और उन्हें हिंसा करने की खुली इजाजत मिल गई है। त्रिपुरा कई दिनों तक उपद्रवियों के निशाना पर रहा। संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ लेने वाले नेता तमाशबीन बने रहे। पुलिस प्रशासन भी सरकार की कठपुतली बनकर कार्य करता रहा है। उन्होंने कहा कि हमने बांग्लादेश में हुई हिंसा की कड़ी निंदा की थी और आज त्रिपुरा में सांप्रदायिक शक्तियों ने मुस्लिम अल्पसंख्यक के खिलाफ जो कुछ किया गया है, हम इसकी भी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। मौलाना मदनी ने मीडिया की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बांग्लादेश की हिंसक घटनाओं को नमक मिर्च लगाकर पेश किया , लेकिन त्रिपुरा में जो हैवानियत का खेल खेला गया, उस पर हमारी मीडिया ने आंखें मूंद लीं। उन्होंने सरकार से मुसलमानों की हिफाजत करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।