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जड़वड़ के जंगल में तेल भंडार की जांच का काम शुरू

Fri, 20 Jul 2018 12:24 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर
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तेल भंडारन की जांच के लिए बोरिंग करती मशीन। - फोटो : अमर उजाला
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जानसठ तहसील के गांव जड़वड़ की जमीन में तेल भंडार होने की संभावना है। ओएनजीसी ने दक्षिण भारत की एक कंपनी जीईओ 8-आई को धरती के भीतर तेल और प्राकृतिक गैस का पता लगाने की जिम्मेदारी सौंपी है। कंपनी ने यह कार्य शुरू  कर दिया है। कंपनी अधिकारियों का कहना है कि तीन साल में यह कार्य पूरा होगा।
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कंपनी के अधिकारी अनीस ने बताया कि 20 वर्ष पूर्व केंद्र सरकार ने गूगल नेट पर एक हवाई सर्वे कराया था। इस सर्वे में बरेली से मुजफ्फरनगर के  बीच धरती में गैस या तेल का भंडार होने की संभावना जताई गई थी। पहले सर्वे के दो वर्ष बाद फिर से एक सर्वे किया गया, जिसमें फिर से तेल होने की संभावना जताई गई थी।  

गांव जड़वड़ के जंगल में किसान किताबू पुत्र दिलेराम के खेत में बोरिंग कराए जा रहे हैं। जांच का कार्य इंडोनेशिया के इंजीनियर हेरी पीटर की देखरेख में चल रहा है। इंजीनियर हेरी पीटर ने बताया कि गैस और तेल का भंडार को तलाशने के लिए जांच का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गुजरात, राजस्थान, म्यामार में जांच की गई थी। परीक्षण के बाद काफी हद तक उनको सफलता मिली।
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230 फुट धरती में डेटोनेटर से ब्लास्ट किया
इंजीनियर हेरी पीटर ने बताया कि धरती के भीतर 230 फुट बोरिंग कराया गया। इसके बाद लोहे के पाइपों को बाहर निकाला गया। गड्ढे में रस्सी में बांधकर डेटोनेटर की छड़ों छोड़ा गया और इनमें विस्फोट कर पृथ्वी के कंपन की क्षमता आंकी गई।

इंजीनियर ने बताया कि तीन तीन किलोमीटर के दायरे में 250-250 फुट के बोरिंग कराए जाएंगे। इसके बाद धरती में पाइप लाइन बिछाई जाएगी। फिर 250 किलो आरडीएक्स से धरती में ब्लास्ट कराया जाएगा। धमाके से पृथ्वी कंपन की क्षमता आंकने पर धरती के अंदर तेल और गैस का पता लग सकेगा।  
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