सिर्फ पीएनजी या बायोमॉस से नहीं चल सकते उद्योग
मुजफ्फरनगर। आईआईए पदाधिकारियों एवं पूर्व चेयरमैनों की बैठक आईआईए कार्यालय पर हुई। प्रदूषण विभाग की ओर से जारी किए गए निर्देशों पर चर्चा की गई।
आईआईए चेयरमैन विपुल भटनागर ने कहा कि मुजफ्फरनगर में सिर्फ पीएनजी या बायोमास ईंधन से उद्योग चलाना असंभव है। क्योंकि न तो यहां अभी तक औद्योगिक क्षेत्र में पीएनजी का नेटवर्क है ना उपलब्धता है, बल्कि पीएनजी के दाम वर्तमान में प्रयोग किए जाने वाले ईंधन से लगभग तीन गुना अधिक हैं। यह नियम पूरे देश के लिए एक समान हो, सिर्फ एनसीआर क्षेत्र में लागू किया जाना ठीक नहीं है। छोटे जनरेटर भी 30 सितंबर के बाद डीजल द्वारा संचालित नहीं किए जा सकेंगे।
उन्होंने कहा कि पीएनजी पर परिवर्तित कराने के लिए 100 किलो वाट तक के जनरेटर पर छह से 10 लाख रुपए तक का खर्च आएगा। छोटे उद्योगों द्वारा वहन कर पाना मुश्किल होगा। सूक्ष्म लघु व मध्यम उद्योगों को इस नियम से अलग रखने की आईआईए मांग करता है। प्रदूषण विभाग को उद्यमियों की समस्या को समझते हुए इसको कम करने के उपाय बताने चाहिए व समय सीमा को दो से तीन वर्ष तक बढ़ाया जाना चाहिए। आगरा क्षेत्र की तरह मुजफ्फरनगर को भी पीएनजी पर छूट दी जानी चाहिए। अश्वनी खंडेलवाल ने कहा कि सोमवार को आईआईए मेरठ, वेस्टर्न यूपी चेंबर ऑफ कॉमर्स, एनसीआर पेपर मिल एसोसिएशन व एनसीआर क्षेत्र के समस्त आईआईए चैप्टर की एक बैठक समस्याओं पर विचार विमर्श करने के लिए आईआईए भवन मेरठ में आयोजित की जा रही है।
बैठक में नीरज केडिया, अश्वनी खंडेलवाल, नवीन जैन, जगमोहन गोयल, उमेश गोयल, सुधीर गोयल, अरविंद मित्तल, पंकज जैन, रवि जैन, आरके सैनी, समित अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।