मुजफ्फरनगर। इंडोनेशिया मूल की गर्भवती महिला को ससुराल में रहने की इजाजत नहीं मिल पा रही है। इसके लिए वह पुलिस कार्यालयों के चक्कर काट रही है।
महिला ने बताया कि सभी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद भी उसे भारत में रहने की परमीशन नहीं दी जा रही है। रविवार को महिला के पति को विदेश जाना है, ऐसे में दंपति पसोपेश में फंसा है।
सिविल लाइन के महमूद नगर निवासी मो. इरफान सऊदी अरब में ठेकेदारी करता है। चार वर्ष पूर्व वहीं एक अस्पताल में काम करने के दौरान उसकी मुलाकात इंडोनेशिया मूल की महिला माया सूरी अस्तूती से हुई। दोनों के बीच प्यार हो जाने पर दोनों ने निकाह कर लिया।
बताया कि इस समय पत्नी गर्भवती है और उसे रविवार को वापस सऊदी जाना है। गर्भवती पत्नी को भारत में परिवार के पास छोड़ना चाहता है, जिसके लिए इरफान ने उसका पासपोर्ट, बीमा, शहरकाजी का प्रमाणित मैरिज सर्टिफिकेट, सऊदी दूतावास, विदेश मंत्रालय और ऑनलाइन पंजीकरण जैसी सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर दी हैं।
यहां रहने के लिए 14 दिन में पंजीकरण अप्लाई करना होता है। उसके बाद प्रतिदिन पेनल्टी लगती है। शुक्रवार को उसके 14 दिन पूरे हो गए। एलआईयू की जांच की लंबी प्रक्रिया के कारण उसके आवेदन पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं हो पाई है।
शुक्रवार को इरफान और इंडोनेशियन पत्नी एसएसपी कार्यालय पहुंचे और परमीशन दिलाने के लिए गुहार लगाई। एसएसपी की गैरमौजूदगी में शिकायतें सुन रहे सीओ लाइन डॉ तेजबीर सिंह ने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।