मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक और पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने वाणिज्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव दिवाकर मिश्रा से मुलाकात कर जिनेवा सम्मेलन के लिए सुझाव दिए। देश के किसानों को विशेष छूट के साथ भारतीय कृषि उत्पाद को विकसित देशों के कृषि उत्पाद से प्रतिस्पर्धा के लायक बनाने की मांग रखी।
प्रतिनिधिमंडल में भाकियू अराजनैतिक के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मांगेराम त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष राजवीर सिंह, राष्ट्रीय महासचिव अनिल तालान शामिल रहे। मलिक ने बताया कि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का सम्मेलन 12 से 15 जून तक जिनेवा में शुरू होने जा रहा है। संगठन ने कहा कि डब्ल्यूटीओ बैठक में खाद्य सुरक्षा के लिए सार्वजनिक स्टॉक होल्डिंग के मुद्दे के स्थायी समाधान की तलाश करनी चाहिए। किसान हित में समय से जरूरत पड़ने पर आयात शुल्क लगाया जाए।
पीजेंट वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक बालियान ने कहा कि सरकार को गैर-व्यापार मुद्दों को समझौते में शामिल करने का जोरदार विरोध करना चाहिए। डॉ. राजमोहन, कामरान, रजनीश सहरावत, विनीत बालियान, धर्मेंद्र बालियान एडवोकेट मौजूद रहे।
भाकियू का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जिनेवा सम्मेलन में होगा शामिल
मुजफ्फरनगर। विश्व व्यापार संगठन का 12वां मंत्रि स्तरीय सम्मेलन जिनेवा में 12 से 15 जून के बीच होगा। इसमें भाकियू का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी शामिल होगा। भाकियू प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय महासचिव चौधरी युद्धवीर सिंह की अगुवाई में तीन किसान नेताओं का प्रतिनिधिमंडल जिनेवा जाएगा। वह भारतीय किसान यूनियन की तरफ से किसानों का प्रतिनिधित्व करेंगे। टिकैत ने कहा कि किसान जो पहले से भी कृषि संकट से जूझ रहे थे, उन पर कोविड-19 महामारी की दोहरी मार पड़ी है। उर्वरक, ईंधन और अन्य लागत में तेजी आई है, जिससे किसानों के लिए उत्पादन महंगा हो गया है।
दिल्ली में वाणिज्य सचिव को मांगपत्र देते पीजेंट वेलफेयर के पदाधिकारी- फोटो : MUZAFFARNAGAR