मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। खादर क्षेत्र में रोडवेज की बसों का संचालन नहीं होने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। घोड़ा बग्गी व ई रिक्शा आदि में बैठकर ही पुरकाजी तक आकर रोडवेज की बसें लेकर मुख्यालय पहुंचना पड़ता है।
परिवहन विभाग की अनदेखी के चलते पुरकाजी क्षेत्र के
गांव नूरनगर, कललनपुर, शकरपुर, सुवाहेड़ी रंडावली, हरिनगर , झबरपुर व खादर क्षेत्र के शेरपुर, बढ़ीवाला आदि दर्जनों गांवों में रोडवेज बस की कोई सुविधा नहीं है। हाल यह है कि ग्रामीणों को घोड़ा-बग्गी व ई रिक्शा आदि में ही बैठकर पुरकाजी तक आना पड़ता है। इक्का दुक्का बसें उत्तराखंड के लक्सर से वाया शेरपुर होकर धमात गंग नहर तक आती हैं।
धमात गंग नहर पुल पर लोहे के गाटर लगे होने के कारण बसों के चालक सवारियों को वहीं पर उतार देते हैं। जहां से सवारी ई रिक्शा में बैठकर पुरकाजी पहुंचती हैं और वहां से रोडवेज की बसें लेकर ही मुख्यालय तक पहुंच पाती हैं। काफी वर्षों पूर्व गांव शेरपुर, बढ़िवाला खादर से वाया पुरकाजी से मुख्यालय तक रोडवेज की कई बसों का संचालन होता था। जो करीब वर्ष 2005 से बंद है। ग्रामीणों द्वारा जनप्रतिनिधियों व परिवहन विभाग के लोगों से कई बार रो?वेज की बसें चलाने की मांग की गई। मगर ग्रामीणों की कोई सुनवाई नहीं हुई।
खादर क्षेत्र के गांव बढ़िवाला निवासी स कुलवंत सिंह विर्क का कहना है कि, खादर क्षेत्र से ं लोग प्रतिदिन कचहरी व तहसील और अन्य जरूरी कार्य से मुख्यालय जाते हैं। खादर क्षेत्र से मुख्यालय तक सीधी बस सेवा की बेहद जरूरत है।
गांव शेरपुर निवासी स देविंदर खालसा का कहना है कि क्षेत्र के लोगों को मुख्यालय जाने के लिए पहले पुरकाजी जाना पड़ता है। उसके बाद वहां पर घँटों इंतजार करने के बाद रोडवेज की बसें मिल पाती हैं।
गांव सुवाहेड़ी निवासी दिलशाद राणा का कहना है कि मुख्यालय तक जाने के लिए पुरकाजी जाकर बस का इंतजार करना पड़ता है। अगर गांव से सीधी मुख्यालय तक रोडवेज की बस सुविधा मिल जाये तो ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।
गांव हरिनगर के पूर्व प्रधान नेपाल सिंह का कहना है कि खादर से मुख्यालय तक रोडवेज की बस सेवा शुरू होने से क्षेत्र के दर्जनों गांवों के हजारों लोगों को लाभ मिलेगा।
क्षेत्रवासियों की परेशानी को देखते हुए खादर क्षेत्र से मुख्यालय तक रोडवेज बस सेवा शुरू होना अति आवश्यक है।