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गृहकर और जलकर की बढ़ी दरें बोर्ड ने वापस ली

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नगर पालिका की बोर्ड बैठक में हंगामा करते सभासद। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
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गृहकर और जलकर की बढ़ी दरें हुईं वापस
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मुजफ्फरनगर। नगर पालिका बोर्ड की बैठक में 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिसमें दो प्रस्तावों को छोड़ सभी पास हो गए। पालिकाकर्मियों को दीपावली पर बोनस का तोहफा भी दिया गया। यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया। गृहकर एवं जलकर में अत्यधिक वृद्धि पर सदन में चर्चा हुई और विशेष प्रस्ताव पास किया गया। बढ़ी हुई दरें बोर्ड ने वापस लेते हुए नगरवासियों को राहत दी। बोर्ड बैठक में कुछ प्रस्तावों को लेकर सदस्यों में आपसी नोकझोंक भी हुई।
चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल की अध्यक्षता में नगर पालिका सभाकक्ष में बोर्ड बैठक सुबह 11 बजे राष्ट्रीय गीत वंदेमातरम से प्रारंभ हो गई। सभासद विपुल भटनागर ने नगर में गृहकर एवं जलकर के संबंध में वृद्धि के प्रस्ताव पर चर्चा की। अत्यधिक वृद्धि को तर्क और न्याय संगत नहीं माना गया। इसके बाद एकमत से भी सभासदों ने इस पर विशेष प्रस्ताव सदन में पारित किया। प्रस्ताव संख्या 394, जिसमें सेवानिवृत्त कर्मचारी की आर्थिक मदद का प्रस्ताव था, उसे निरस्त कर दिया गया। प्रस्ताव 396 जिसमें शहर में इलेक्ट्रानिक विज्ञापन की व्यवस्था होनी है इसे स्थगित कर दिया गया। इनके अलावा अन्य सभी प्रस्तावों को सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। इसमें पालिका कर्मियों के बोनस का प्रस्ताव भी शामिल है।
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अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी विश्वदीप कौशिक को प्रोत्साहन के रूप में 25 हजार देने का प्रस्ताव भी पास हुआ। श्मशान घाट को अबसे पहले 11 हजार वार्षिक का अनुदान था, जिसे बढ़ाकर 31 हजार कर दिया गया है। पार्किंग के तीन ठेकों की नीलामी नहीं हो पाने पर इन्हें निरस्त कर दिया गया। बोर्ड बैठक की अध्यक्षता चेयरपर्सन अंजू अग्रवाल एवं संचालन गोपाल त्यागी ने किया। बैठक में सभासद राजीव शर्मा, मनोज वर्मा, पवन कुमार, सफीक अहमद, अरविंद धनगर, संगीता, सपना मलिक, विकल्प जैन, नरेशचंद मित्तल, इरफान, कपिल पाहुजा, राजू त्यागी, सुषमा पुंडीर आदि मौजूद रहे।
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हमारा प्रयास सफल हुआ
मुजफ्फरनगर। व्यापारी नेता रेवतीनंदन सिंघल ने कहा कि गृहकर एवं जल कर में जो बेतहाशा वृद्धि हो गई थी वह पालिका ने वापस ले ली है। जनता को इससे बड़ी राहत मिलेगी। जितना कर लगना चाहिए अब उतना कर ही व्यावसासिक प्रतिष्ठानों और मकान मालिकों से लिया जाएगा। व्यापारियों ने इस मामले में कई माह तक लंबी लड़ाई लड़ी, जिसमें सफलता मिल गई है।
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