मुजफ्फरनगर। आयकर विभाग की मेरठ इकाई ने बिंदल्स ग्रुप के ठिकानों पर तीन दिन की जांच में तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी और बीस करोड़ रुपये से ज्यादा के आभूषण बरामद किए हैं। विभाग ने समूह पर बड़े पैमाने पर कर चोरी का खुलासा किया है। जांच के दौरान अधिकारियों को पचास से अधिक अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं
यह तलाशी और जब्ती अभियान 18 मार्च से शुरू हुआ था। दिल्ली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर सहित कई स्थानों की जांच की गई। बिंदल्स पेपर्स मिल्स लिमिटेड (बीपीएमपी) और उससे जुड़ी छह अन्य पेपर मिलें जांच में शामिल की गई।
बिजनौर के गांव चांगीपुर में समूह की चीनी इकाई की भी गहन जांच की गई। जांच के दौरान अधिकारियों को पचास से अधिक अचल संपत्ति के दस्तावेज भी मिले हैं। सबूतों से पता चला है कि खोई और अन्य कच्चे माल की बिना हिसाब-किताब वाली खरीद की गई थी।
कागज क्षेत्र में पचास करोड़ रुपये से अधिक की फर्जी खरीद का भी पता चला है। चीनी मिल के संचालन में कागज की बिना हिसाब-किताब वाली बिक्री और संदिग्ध नकद भुगतान के प्रमाण मिले हैं। इनका उद्देश्य कथित तौर पर वास्तविक मुनाफे को छिपाया गया।
कागज, बिजली और चीनी इकाइयों का एक हिसाब : जांच का एक महत्वपूर्ण बिंदु धारा 80आईए के तहत कुल 171.3 करोड़ रुपये की कटौती का कथित तौर पर गलत दावा है। बिंदल पेपर्स मिल लिमिटेड के आंतरिक अकाउंटेंट और पावर प्लांट के जनरल मैनेजर के बयानों से यह सामने आया है।
समूह अपने कागज, बिजली और चीनी इकाइयों के लिए अलग-अलग हिसाब-किताब की किताबें रखने में विफल रहा। जांचकर्ताओं को केवल समेकित किताबें और ट्रायल बैलेंस ही मौके पर मिले।