मुजफ्फरनगर में मौलाना मुफ्ती अबुल हसन अरशद कांधलवी ने कहा कि पैगंबरों, अवतारों और धर्म गुरुओं की शान में गुस्ताखी करने वालों को फांसी का कानून बनना चाहिए। ऐसे लोगों की नागरिकता भी समाप्त होनी चाहिए। मुल्क में अमन के लिए हमें भाईचारे के साथ रहना है।
इस्लामिया इंटर कॉलेज में फलाहे इंसानियत वेलफेयर सोसायटी के तत्वावधान में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि हम आतंकवाद की निंदा करते हैं। आतंकवाद के नाम पर दुनियाभर में मुस्लिमों पर अत्याचार हो रहे हैं। इस्लाम को बदनाम करने और मिटाने की कोशिशें हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने वाले को बख्शा न जाए। हिंदुस्तान में ऐसा कानून बनाया जाए कि कोई भी व्यक्ति किसी भी मजहब के पैगंबर, अवतार और धर्मगुरुओं पर कीचड़ न उछाल सके।
मेरठ से आए मुफ्ती खुर्शीद साहब ने कहा कि कहीं मुसलमानों को आतंकवाद के नाम पर झूठा फंसाया जा रहा है, तो कहीं निर्दोष मुस्लिमों पर बमबारी की जा रही है। हम इसकी निंदा करते हैं। मौलाना अबुल समंद ने कहा कि इस्लाम और आतंकवाद का कोई वास्ता नहीं है। इस्लाम शांति और भाईचारे का पैगाम देने वाला मजहब है। अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य मुफ्ती जुल्फिकार ने कहा कि मुसलमान देश में अमनचैन चाहता है।
सीएम ने आश्वासन दिया है कि तिवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। मौलाना शौकत, मौलाना शमीम, मुफ्ती शाह आलम, मौलाना मोनिस, मौलाना शाह आलम ने भी संबोधित किया। संचालन कारी खालिद और शमशाद ने किया। कार्यक्रम के अंत में मुल्क में अमन के लिए दुआ कराई गई। सोसायटी के महासचिव आदिल जिलानी ने ज्ञापन पढ़कर सुनाया।
राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपा गया। फलाहे इंसानियत वेलफेयर सोसायटी के कार्यकर्ता व्यवस्था को बनाने में लगे रहे। मुजस्सिम एडवोकेट, एहसान, इकराम, दिलशाद कुरैशी, आफताब कुरैशी, सुल्तान चौधरी, सरताज कुरैशी, फैसल, नदीम, अब्दुल्ला, हैप्पी, अब्दुल गफ्फार, मतलूब, अरशद, दिलशाद पहलवान, नूरइलाही, इसराइल का सहयोग रहा।
भीड़ ने फुला दी अमन चैन की सांसें
मुजफ्फरनगर। पैगंबर-ए-इस्लाम की शान में गुस्ताखी के विरोध में शहर में आई 30 हजार की भीड़ ने अमन-चैन की सांसें फुलाए रखीं। जुमे की नमाज के बाद शहर में मुस्लिमों का सैलाब सड़कों पर उतरा तो माहौल में खौफ पसर गया। दुकानों के शटर गिर गए और फिजा में अफवाहें तैरने लगीं। भारी भीड़ देख अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। दिनभर शहर आरएएफ और अर्द्धसैनिक बलों के हवाले रहा।
इस्लामिया इंटर कालेज के मैदान में इत्तेहाद-ए-मिल्लत की कांफ्रेंस में शुक्रवार को उमड़े सैलाब ने पूरे शहर में भय का माहौल बना दिया, क्योंकि अनुमान से ज्यादा भीड़ सभा में पहुंच गई। नमाज अदा करने के बाद धीरे-धीरे शहर के मुख्य मार्गों पर विरोध-प्रदर्शन के लिए सभास्थल की ओर भीड़ बढ़ती दिखी। सरवट गेट से रुड़की रोड पर मीनाक्षी चौक तक मुस्लिमों का सैलाब नजर आया। ऐसा ही नजारा आर्य समाज रोड और मेरठ रोड पर था।
खालापार के मुख्य मार्ग से सबसे ज्यादा लोग पहुंचे। 30 हजार से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरे तो शहर में खौफ का माहौल हो गया। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से आर्य समाज रोड के बाजार को अधिकांशत: बंद करा दिया था। डीएवी इंटर कालेज, अजमत अली खां इंटर कालेज, जैन कालेज, इस्लामिया इंटर कालेज आदि शिक्षण संस्थाओं में सुबह ही छुट्टी कर दी गई थी। दो बजे के बाद सभा में जैसे-जैसे भीड़ बढ़ी, डर की वजह से इलाके की दुकानें बंद होती चली गईं।
सड़कों से फुटकर दुकानदारों ने सामान समेट लिया। हजारों की तादाद में कांफ्रेंस सुनने आए लोगों को देख पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। आरएएफ और पैरामिलेट्री फोर्स के जवान मुस्तैद हो गए। शहर के मुस्लिम बहुल लद्दावाला, मल्हूपुरा, खालापार, सरवट, किदवईनगर, इस्लामाबाद, सुजडू आदि के अलावा आसपास के गांवों से हजारों की तादाद में मुस्लिम शहर पहुंच गए। इस्लाम के खिलाफ टिप्पणियों को लेकर जुटे मुसलिमों ने सभा स्थल में पहुंचते हुए हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ नारेबाजी की। डीएम निखिलचंद्र शुक्ला और एसएसपी केबी सिंह मातहतों के साथ दिनभर सड़कों पर रहे।