जानसठ के मोहल्ला सराय तुलसीराम की मुस्लिम बस्ती में विद्युत ट्रांसफार्मर पर गिरने से करंट से झु
जानसठ। मोहल्ला सराय तुलसीराम में सात साल के मासूम शाबयान की मौत के बाद गम का माहौल है। गली से तीन-चार फीट नीचे रखे ट्रांसफार्मर से दो बस्तियों के तीन सौ घरों में रोशनी होती है लेकिन करंट से बच्चे की मौत के बाद गम का अंधेरा छा गया। विद्युत अधिकारियों के खिलाफ नाराजगी का माहौल है। कॉलोनाइजर ने मिट्टी का भराव कराया लेकिन किसी ने भी ट्रांसफार्मर पर ध्यान नहीं दिया।
कस्बे के बाहरी इलाके में डेढ़ दशक पहले तक खेती होती थी। बिजली आपूर्ति के लिए यहां जमीन पर ट्रांसफार्मर रखवा दिया गया। समय के साथ आबादी बढ़ती गई और यहां सराय तुलसीराम और करीमुल्ला के नाम से मोहल्लों का विस्तार हो गया। परिवार रहने लगे तो सड़कें बनी लेकिन कभी ट्रांसफार्मर की बेरिकेडिंग या खंभों पर रखने का प्रयास नहीं किया गया।
ट्रांसफार्मर से पूरे क्षेत्र में बिजली सप्लाई की जाती है लेकिन यहां हादसे के बाद गम का माहौल है।
सभासद ने की थी ट्रांसफार्मर हटवाने की मांग : नगर पंचायत सभासद गुलफाम का कहना है कि उन्होंने हाइटेंशन विद्युत ट्रांसफार्मर से बस्ती के लोगों को खतरा होने की वजह से कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से शिकायत भी की थी। अधिकारी सिर्फ आश्वासन ही देते रहे। विद्युत विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से ही बालक शाबयान की मौत हुई है।
जानसठ के मोहल्ला सराय तुलसीराम की मुस्लिम बस्ती में विद्युत ट्रांसफार्मर पर गिरने से करंट से झु
जानसठ के मोहल्ला सराय तुलसीराम की मुस्लिम बस्ती में विद्युत ट्रांसफार्मर पर गिरने से करंट से झु
जानसठ के मोहल्ला सराय तुलसीराम की मुस्लिम बस्ती में विद्युत ट्रांसफार्मर पर गिरने से करंट से झु