- अदालत में इमराना बोली, 14 साल से चली आ रही बीमार
- 16 फरवरी को जावेद नाम के युवक से चार बोतल बम बरामद किए थे
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अमर उजाला ब्यूरो
मुजफ्फरनगर। चार बोतल बम (आईईडी) बनवाने के विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के मामले में आरोपी इमराना की जमानत अर्जी खारिज हो गई। अपर जनपद एवं सत्र न्यायालय/विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट संख्या दो के पीठासीन अधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने सुनवाई की।
पुलिस ने 16 फरवरी को जावेद नाम के युवक से चार बोतल बम बरामद किए थे। पुलिस की जांच में शहर कोतवाली क्षेत्र के प्रेमपुरी निवासी और मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा निवासी इमराना का नाम सामने आया। पुलिस ने इमराना को जेल भेज दिया था। 20 फरवरी को पुलिस ने इमराना को रिमांड पर लिया और पूछताछ की थी। बचाव पक्ष की ओर से अदालत में जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल किया। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्केां को सुनाया। अदालत ने मामले को सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए इमराना की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है।
यह था मामला
पुलिस ने 16 फरवरी को चार आईईडी (बोतल बम) के साथ जावेद नाम के युवक को पकड़ा था। मामले की जांच एटीएस एवं अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने की। जावेद ने पुलिस को बताया था कि उसने बोतल बम मूल रूप से शामली के बंतीखेड़ा गांव की रहने वाली इमराना के कहने पर बनाए थे और वह सप्लाई देने के लिए जा रहा था। पुलिस ने 17 फरवरी को इमराना को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। 18 फरवरी से इमराना जेल में बंद है।
इमराना बोली, कभी भी पड़ सकता है अटैक
अपने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल करते हुए आरोपी इमराना ने कहा कि वह 2010 से लगातार बीमार चली आ रही है। वर्तमान में भी वह अस्थमा से पीड़ित है। सांस लेने में तकलीफ हो रही है और कभी भी अटैक पड़ सकता है। स्थानीय पुलिस के अलावा मामले की जांच के लिए जिले में आईबी, इंटेलीजेंस और एटीएस ने जांच की थी। स्थानीय पुलिस के अधिकारियों ने भी इमराना से लंबी पूछताछ की थी। महत्वपूर्ण जानकारी भी पुलिस को मिली थी।