घने कोहरे के बीच हाईवे से गुजरते वाहन।
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धुंध और कोहरे ने विभागों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। कोहरे के कारण खाली दौड़ रही बसों को डिपो में कैद कर दिया गया है। ट्रेनों का भी संचालन डगमगा गया है। घंटों की देरी से चल रही ट्रेनें यात्रियों के लिए सिरदर्द बन गई हैं। बृहस्पतिवार को भी दर्जनभर ट्रेनें निर्धारित समय से 5 से 7 घंटे लेट चली। वहीं, कोहरे के कारण रेल पटरियों पर सिंग्नल देने के लिए पटाखों का इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है।
कोहरे और धुंध के कारण डिपो में यात्रियों की संख्या में भी गिरावट आ गई है। चालक-परिचालकों ने भी बसों से दूरी बना ली है। बृहस्पतिवार को भी चालक-परिचालकों के न आने से कई बसों के पहिये तक नहीं हिल सके। ऐसे में इन बसों को डिपो में ही खड़ा कर दिया गया। एआरएम बीपी अग्रवाल ने बताया कि बीते चार दिनों में ही सर्दी के कारण 50 हजार से अधिक का नुकसान हो चुका है। फिलहाल बसों में हाईक्वालिटी की फॉक लाइट एवं रिफ्लेक्टर लगाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि कोहरे से कुछ हद तक निजात मिल सके।
उधर, रेलवे स्टेशन अधीक्षक विपिन कुमार त्यागी के अनुसार कोहरे और धुंध का रेलवे यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को 14682 पांच घंटे, 14511 नौचंदी सात घंटे, 14309 चार घंटे, 14681 तीन घंटे, 12206 चार घंटे, 12904 साढ़े तीन घंटे, 54474 पांच घंटे, 19031 तीन घंटे 20 मिनट, 14646 साढ़े चार घंटे, 14682 साढ़े पांच घंटे की देरी से मुजफ्फरन स्टेशन पर पहुंची।