कासमपुरा में विवाद के बाद पुलिस के सामने अपना अपना पक्ष रखते दोनों पक्ष।
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भोपा। भोपा के गांव कासमपुरा स्थित गुरुद्वारा पर अवैध कब्जा व उसमें संचालित स्कूल को लेकर दो पक्षों में पिछले काफी समय से चली आ रही तनातनी एक बार फिर से बृहस्पतिवार को विवाद का कारण बन गई। इस दौरान पुलिस ने पहुंच कर मामला संभाला।
भोपा थाना के गांव कासमपुरा बंजारा समाज बाहुल्य गांव है। गांव का ही एक परिवार गुरुद्वारा में लक्खी शाह बंजारा स्कूल का संचालन कर रहा है। दूसरे पक्ष के ग्रामीणों द्वारा स्कूल व गुरुद्वारे पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया गया था। स्कूल संचालक भी अपनी बात पर अड़े हुए थे। मामले को लेकर दिन में बंजारा समाज की पंचायत हुई। जिसमें लगभग आसपास के आधा दर्जन गांवों से बंजारा समाज के लोग शामिल हुए। मामले को लेकर शाम को पुन: हंगामा खड़ा हो गया। एक दूसरे पक्ष पर आरोप लगाने शुरू कर दिए। पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब को गुरुद्वारा साहिब से हटाकर स्कूल के कमरे में रखे जाने को लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पाकर पहुंची भोपा पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर शांति भंग करने का प्रयास करने वालों को दौड़ा दिया। गुरुद्वारा साहिब परिसर में बिना मान्यता के स्कूल चलाने व श्री गुरु ग्रंथ साहिब को हटाने को लेकर दोनों पक्ष एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे।
शाम को बनी सहमति
देर शाम दोनों पक्षों के गणमान्य लोगों में शर्तों के आधार पर सहमति बनी। तय हुआ कि 1 माह के भीतर एक कमेटी का गठन किया जाएगा जो इस पूरे विवाद को खत्म करेगी। साथ ही स्कूल और गुरुद्वारा आदि की देखरेख की जिम्मेदारी भी होगी। सीओ भोपा गिरजा शंकर त्रिपाठी व थाना प्रभारी निरीक्षक पंकज राय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों व दोनों पक्षों से कहा कि वह आपसी सौहार्द के साथ मामले का निस्तारण करें या फिर वह कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से विवाद को सुलझाए। शांति भंग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।