मुजफ्फरनगर : ककरौली बॉयोडीजल पंप मशीन से पन्नी उतारते कर्मचारी।
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ककरौली में अवैध बायोडीजल पंप सील
मुजफ्फरनगर/मोरना। अवैैैध बायोडीजल पंप पर पेट्रोल-डीजल की बिक्री मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। सोमवार को आपूर्ति विभाग की टीम ने ककरौली पहुंचकर वैध कागजात नहीं मिलने पर अवैध बायोडीजल पंप को सील कर दिया। अन्य बायोडीजल पंपों को भी जल्द कार्रवाई की जद में लाया जाएगा।
जनपद के देहात क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध बायोडीजल पंप लगे हुए हैं, जहां अवैध रूप से पेट्रोल-डीजल की बड़े पैमाने पर बिक्री कर शासन को रोजाना करीब दस लाख रुपये राजस्व की चपत लगाई जा रही थी। 23 जुलाई को गांव रुड़कली स्थित अवैध बायोडीजल पंप पर रखे ज्वलनशील पदार्थ में आग लगने से दो लोगों को जान गंवानी पड़ी थी। अमर उजाला ने इस तेल का काला खेल को उजागर करने के लिए मुहिम चलाई, जिस पर प्रशासन द्वारा देर से ही सही, लेकिन कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में सोमवार दोपहर आपूर्ति विभाग की टीम ककरौली स्थित बायोडीजल पंप पर पहुंची, जहां तेल बिक्री की मशीनें काली पॉलीथिन से लपेटी गई थी। आपूर्ति अधिकारी जानसठ अनिल कुमार ने बताया कि पॉलीथिन उतारकर मशीनों की जांच की। साथ ही जांच में पाया गया कि पंप संचालक ककरौली निवासी शाहनवाज पुत्र अलीहसन के पास न तो बायोडीजल पंप चलाने का लाइसेंस है और न ही उसके पास पेट्रोलियम पदार्थों का भंडारण रिकॉर्ड ही है। पंप संचालक द्वारा आपूर्ति विभाग कार्यालय को किसी तरह की भंडारण शीट भी नहीं भेजी जाती है, जिस कारण विभाग के पास इस बायोडीजल पंप संचालन का कोई रिकॉर्ड ही उपलब्ध नहीं है। अनिल कुमार ने बताया कि जांच में पंप पूरी तरह अवैध पाया गया, जिसे सील कर आला अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट भेज दी गई है। क्षेत्र के अन्य बायोडीजल पंपों की भी जल्द जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, पंप संचालक शाहनवाज का कहना है कि उसके पास सभी दस्तावेज उपलब्ध है। जल्द ही विभाग को उक्त सभी कागजात दिखाए जाएंगे