मुजफ्फरनगर, पुरकाजी। कथा व्यास किरण चंद महाराज ने कहा कि जीवन में जब भी भागवत नाम सुनने का अवसर प्राप्त हो, उससे विमुख नहीं होना चाहिए। भागवत महापुराण के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि जब-जब धरती पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब परमात्मा अवतार धारण करके धरती पर धर्म स्थापना करते हैं।
कस्बे के प्राचीन शिव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन कथा व्यास किरण चंद महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला का वर्णन किया। श्रद्धालु नंद के घर आनंद भया जय कन्हैया लाल की भजनों के साथ झूम उठे। कथा व्यास ने कृष्ण जन्म की कथा से पूर्व भगवान राम के अवतार की लीला का वर्णन किया। कहा कि भगवान राम ने आदर्श स्थापित किया है, वह आज भी प्रासंगिक है। द्वापर में जब कंस के अत्याचार बढ़े तो श्रीकृष्ण ने अवतार लेकर मुक्ति दिलाई।
कथा के मुख्य यजमान संजय धीमान व उनकी पत्नी सुमन धीमान रहे। कथा के दौरान बालकृष्ण सिंघल, बिट्टू गुप्ता, सागर कोरी, सुशील मित्तल, सोहनलाल मित्तल, आनंद धीमान, मनोज कर्णवाल, मणिकांत गोयल, पंडित भानु शर्मा, मनीष गुप्ता, हिमांशु कौशिक मौजूद रहे।