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30 अक्तूबर तक घोषणा-पत्र नहीं भरा, तो होगा सट्टा बंद

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30 अक्तूबर तक घोषणा-पत्र नहीं भरा, तो होगा सट्टा बंद
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मुजफ्फरनगर, चरथावल। गन्ने की पैदावार संबंधी घोषणा पत्र भरने की अनिवार्यता के नियम से हजारों किसान अनभिज्ञ है। रोहाना गन्ना समिति क्षेत्र में 24 हजार किसानों में से 10 हजार किसानों ने अभी तक ऑनलाइन घोषणा पत्र नहीं भरा है। एससीडीआई विनोद कुमार ने बताया घोषणा पत्र नहीं भरने वाले किसानों का सट्टा बंद कर दिया जाएगा।
गन्ना आयुक्त्त ने पहली बार किसानों की भूमि में गाटे के मुताबिक गन्ना सहित सभी फसलों की जानकारी स्वयं घोषणा पत्र में भरने का नियम लागू किया है। सोशल साइट के द्वारा विभाग पूरे साल ऑनलाइन घोषणा पत्र भरने के लिए किसानों को जागरूक करता रहा। लेकिन रोहाना समिति क्षेत्र के 85 गांवों में 24 हजार सदस्यों में से 14 हजार ने ही घोषणा पत्र भरा है। जबकि कई बार विभाग घोषणा पत्र भरने की तिथि बढ़ा चुका है। पेराई सत्र शुरू होने में चंद दिन बाकी है। विभाग ने घोषणा पत्र नहीं भरने वाले किसानों का सट्टा बंद करने के निर्देश दिए है। इस बार समिति क्षेत्र में गत वर्ष 20389 हेक्टेयर के सापेक्ष रकबा बढ़कर 21216 हेक्टेयर हो गया है।
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26 गांव के किसान बिरालसी में होंगे शामिल
रोहाना से अलग बिरालसी गन्ना समिति का गठन पूरा हो चुका है। बिरालसी मुख्य प्रवर्तंक सोमपाल सिंह ने बताया रोहाना समिति के 23 गांव और शामली समिति के पीपलहेड़ा, गुजरहेड़ी और नगला पिथौरा के किसान संबद्ध किए हैं। इन गांवों से तीन वर्षों में औसतन 29.91 लाख क्विंटल गन्ने की आपूर्ति रोहाना समिति के द्वारा मिलों को की गई है। आयुक्त द्वारा समिति के गठन को मंजूरी गत फरवरी में दे दी थी। दफ्तर, गेस्ट रूम एवं गोदाम के निर्माण के लिए 62 लाख रुपये मंजूर हुए है। निर्माण पूरा होने पर क्षेत्र के किसानों को रोहाना दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
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चरथावल के चार केंद्रों में फेरबदल
समिति सचिव एसपी सिंह ने बताया नए गन्ना रिजर्वेशन में इस बार समिति के क्रय केंद्र लुहारी द्वितीय, चरथावल चतुर्थ और दधेडू द्वितीय को तितावी मिल से हटाकर खाईखेड़ी से संबद्ध किया है। वहीं कान्हाहेड़ी केंद्र को बजाज मिल थानाभवन से हटाकर तितावी को मिला है। हालांकि समिति में क्रय केंद्रों की संख्या पूर्ववत रहेगी। केंद्रों पर तौल और लिपिकों की तैनाती इस वर्ष भी ई-आरपी प्रणाली से होगा।
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