समितियों में यूरिया खाद की भारी किल्लत, किसान परेशान
देवबंद (सहारनपुर)। सहकारी गन्ना और को-आपरेटिव समितियों में यूरिया खाद की किल्लत होने से किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान नेताओं का कहना है कि पहले इफको का क्षेत्रीय कार्यालय सहारनपुर में था जिसे चार साल पूर्व खत्म कर मेरठ में बना दिया गया। इसी के चलते खाद की रेक समय पर समितियों में नहीं पहुंच रही है।
पिछले करीब एक सप्ताह में गन्ना समितियों में यूरिया खाद न के बराबर ही पहुंचा है। को-आपरेटिव समितियों का तो इससे भी बुरा हाल है। जबकि इन दिनों गन्ना समेत अन्य फसलों में यूरिया खाद की सबसे अधिक जरूरत पड़ रही है। किसान खाद लेने के लिए समितियों के चक्कर काट रहे हैं। भारतीय किसान संघ के प्रदेश संयोजक श्यामवीर त्यागी, ठाकुर हरवीर सिंह, राजपाल सिंह व खचेडू सिंह ने बताया कि गन्ना व ज्वार आदि फसलों में इन दिनों किसानों को यूरिया की सबसे ज्यादा जरूरत है, लेकिन समितियों में खाद नहीं पहुंच रहा हैं। वहीं, भारतीय किसान यूनियन (वर्मा) के राष्ट्रीय संयोजक भगत सिंह वर्मा ने बताया कि चार साल पहले इफको का क्षेत्रीय कार्यालय सहारनपुर में था जिसे खत्म कर उसे मेरठ में स्थानांतरित कर दिया गया। इसी कारण यूरिया समेत अन्य खादों की रेक समय से गन्ना व को-आपरेटिव समितियों को नहीं मिल रही है।
चार-पांच दिन पहले यूरिया खाद की रेक आई थी, जिसे किसानों को वितरित कर दिया गया। वर्तमान में समिति में यूरिया खाद उपलब्ध नहीं है। इसके संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। संभवत एक-दो दिन के भीतर खाद की रेक उपलब्ध हो जाएगी। उसके बाद वितरण किया जाएगा। - प्रेमचंद चौरसिया, विशेष सचिव सहकारी गन्ना समिति देवबंद