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‘हिंदू-मुस्लिमों ने नहीं हिंदुस्तानियों ने दिलाई थी आजादी’

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धरनास्थल पर आईलव माई इंडिया की रंगोली बनाता कलाकार - फोटो : DEVBAND
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देवबंद (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनपीआर और प्रस्तावित एनआरसी को लेकर ईदगाह मैदान में महिलाओं का सत्याग्रह 29वें दिन भी जारी रहा। महिलाओं ने देश की आजादी का जिक्र करते हुए कहा कि मुल्क के लिए लड़ने वालों में न कोई हिंदू था न ही कोई मुस्लिम बल्कि सभी हिंदुस्तानी थे। आज फिर उसी जज्बे के साथ हमें देश के संविधान को बचाने की लड़ाई लड़नी है।
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मुत्तहिदा ख्वातीन कमेटी के बैनर तले चल रहे धरना प्रदर्शन में सोमवार को आंदोलनकारी जैनब और आयशा ने कहा कि मुल्क को आजाद कराने में किसी धर्म या वर्ग के नहीं बल्कि सभी लोग हिंदुस्तानी थे। जिन्होंने अपनी जानों की कुर्बानियां देकर अंग्रेजों की गुलामी से मुल्क को आजाद कराया। एक बार फिर से हमें धर्म जात और बिरादरी से ऊपर उठकर एकजुट होते हुए देश के संविधान को बचाना है। समरीन और कुद्दूसिया ने कहा कि दिल्ली में सीएए का विरोधी और समर्थन कर रहे लोगों के बीच हुआ संघर्ष षड्यंत्र का हिस्सा है। राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए लोगों को आपस में लड़ाया जा रहा है। क्योंकि सीएए के खिलाफ सभी धर्मों के लोग एकजुट हैं। इसलिए कुछ ताकतें आंदोलन को धार्मिक रुप देकर उन्हें कमजोर करना चाहती है। जिनके मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस नाजुक वक्त में सोच समझकर चलने की जरूरत है और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अहिंसा के मार्ग पर चलकर हमें देश के संविधान की रक्षा करनी है। धरनास्थल पर महिलाओं ने हिंदुस्तान जिंदाबाद और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाते हुए संविधान को बचाने का संकल्प लिया। वहीं, ईदगाह मैदान में एक युवा कलाकार के द्वारा आई लव माई इंडिया की सुंदर रंगोली बनाई गई।

ईदगाह मैदान में सीएए के विरोध में धरना प्रदर्शन करती महिलाएं- फोटो : DEVBAND

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