सीएए को लेकर जिले में फिर से अलर्ट
मुजफ्फरनगर। नागरिकता संशोधन कानून को लेकर एक बार फिर माहौल गर्माने लगा है। रविवार शाम अलीगढ़ के साथ ही दिल्ली के जाफराबाद में भी हिंसा की ताजा घटना के बाद जिले में भी अलर्ट कर दिया गया है।
रविवार शाम डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने जोन के तीनों जनपदों को अलर्ट जारी कर दिया है। इसके अनुपालन में एसएसपी अभिषेक यादव ने भी जनपद पुलिस को सतर्क रहते हुए सभी थानेदारों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। सभी थाना प्रभारियों को लगातार फोर्स के साथ क्षेत्र में गश्त करने और संवेदनशील स्थलों पर निगाह रखने के लिए कहा गया है। एसएसपी ने बताया कि स्थिति पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। किसी को भी माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। सभी थानेदारों को अपने क्षेत्रों के संदिग्ध आचरण वाले व्यक्तियों के साथ ही गत 20 दिसंबर को हुए बवाल में सामने आए लोगों पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पुलिस लाइन के रिजर्व पुलिसकर्मियों के साथ ही पीएसी की पांच कंपनियों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए टीम गठित
मुजफ्फरनगर। एसएसपी अभिषेक यादव ने सीएए विरोध के चलते हुई हिंसा की हालिया घटनाओं को देखते हुए सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए स्पेशल टीम का गठन कर दिया है। एसएसपी ने बताया कि सोशल मीडिया खासकर व्हाट्सएप ग्रुपों पर नजर रखी जा रही है। सभी ग्रुप एडमिन को किसी भी तरह की आपत्तिजनक वीडियो या मैसेज पोस्ट किए जाने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। यदि किसी ग्रुप पर इस तरह की पोस्ट की जाती है तो संबंधित एडमिन के साथ ही सदस्य के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कई संदिग्ध संगठन भी जांच के दायरे में
मुजफ्फरनगर। सीएए को लेकर गत 20 दिसंबर को हुए बवाल के बाद पुलिस-प्रशासन की जांच में कुछ ऐसे भी संगठन आए हैं, जो धरातल पर तो कथित समाजसेवा का दंभ भरते हैं, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी बवाल में संदिग्ध भूमिका पाई गई है। ऐसे सभी संगठनों के पदाधिकारियों के साथ ही उनसे जुड़े लोगों और उनकी कार्यप्रणाली पर भी नजर रखी जा रही है। ऐसे संगठनों के वित्तीय फंडिंग की भी जांच की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि कुछ संगठन जांच के दायरे में हैं, जिनकी गोपनीय रूप से पड़ताल की जा रही है। यदि किसी भी संगठन की भूमिका बवाल में किसी भी तरह से जुड़ी पाई जाती है तो संबंधित संगठन पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।