खतौली। गंगधाड़ी गांव में गाल पर पड़े थप्पड़ से आहत होकर पेट्रोल छिड़कर खुद को आग लगाने वाले अनुसूचित जाति के हिमांशु (22) की दिल्ली में उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में शव पहुंचते ही गम और गुस्से का माहौल बन गया। मृतक के भाई बिटटू ने 18 अप्रैल को एससी एसटी समेत विभिन्न धाराओं में टिंकू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
ग्रामीणों ने अधिकारियों के सामने आरोपियों की गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार के लिए मुआवजा और नौकरी की मांग रखी। एसडीएम डॉ. ललित कुमार और सीओ डॉ. रामशीष यादव ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद अंतिम संस्कार किया गया है। गांव में पुलिस तैनात की गई है।
फूलों की खेती से पहचान रखने वाले गंगधाड़ी में 17 अप्रैल को टिंकू उर्फ गौरव राजपूत ने गांव के हिमांशु से गाड़ी में फूल लदवाने के लिए कहा था। हिमांशु के मना करने पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। आरोप है कि टिंकू ने उसे थप्पड़ मारा और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया।
रात के करीब नौ बजे हिमांशु आरोपी के घर के सामने पहुंचा और अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा ली थी। इस दौरान गांव के लोग जमा हो गए। झुलसे पीड़ित का दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था।
मंगलवार देर रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। बुधवार दोपहर करीब तीन बजे उसका शव गांव पहुंचा तो परिजनों में आक्रोश फैल गया। शव उठाने से पहले परिजनों तथा अन्य लोगों ने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी, परिवार के लोगों को सुरक्षा तथा घटना में शामिल अन्य लोगों की गिरफ्तारी की मांग की।
अधिकारियों ने आक्रोशित लोगों को समझा बुझाकर पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पुलिस अधीक्षक ने मामले में जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
खतौली के गांव गंगधाडी निवासी हिमांशु का फाइल फोटो। स्त्रोत परिजन
खतौली के गांव गंगधाडी निवासी हिमांशु का फाइल फोटो। स्त्रोत परिजन