मुजफ्फरनगर जिले में देवल के पास मेरठ-पौड़ी हाईवे को जाम करते श्रमिक।
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घर जाने से रोकने के विरोध में हाईवे जाम
मुजफ्फरनगर/मीरापुर। पंजाब एवं हरियाणा सहित अन्य प्रदेशों से आ रहे श्रमिकों को मुजफ्फरनगर एवं बिजनौर जिले की सीमा पर रोक दिया गया। उन्हें गंगा बैराज से आगे नहीं जाने दिया गया। भटकते फिर रहे मजदूर बुधवार शाम को आपा खो बैठे और उन्होंने मेरठ- पौड़ी नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे लगे जाम के दौरान हाईवे पर ट्रकों की कतार लग गई।
लॉकडाउन में फैक्टरियां बंद हो गई हैं। इसके चलते हरियाणा, पंजाब व हिमाचल प्रदेश में काम करने वाले पूर्वांचल के जिलों व बिहार प्रांत के मजदूर अपने घरों को लौट रहे हैं। यूपी सरकार द्वारा उन्हें वापस ले जाने की व्यवस्था नहीं होने पर मजदूर पैदल अथवा साइकिलों से ही निकल पड़े। बुधवार को सैकड़ों श्रमिक मुजफ्फरनगर की ओर से बिजनौर बैराज पर पहुंचे। पुलिस ने उन्हें गंगा बैराज पुल पार नहीं करने दिया। उन्हें कहीं और से गंगा पार कर जाने के लिए कहा। श्रमिक रामराज की ओर लौटे तो उन्हें वहां भी पुलिस ने रोक दिया। इससे भटकते फिर रहे मजदूर आक्रोशित हो उठे।
पुलिस प्रशासन के रवैये के विरोध में सायंकाल करीब 5.30 बजे सैकड़ों श्रमिकों ने देवल और बैराज के बीच स्थित नहर पुल पर हाईवे जाम कर दिया। उन्होंने अपनी साइकिलें सड़क पर डाल दी और जाम लगा कर बैठ गए। श्रमिक रायबरेली निवासी राम किशन ने बताया कि वे पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आ रहे हैं। कहीं भी उन्हें नहीं रोका गया, लेकिन उत्तर प्रदेश में आने के बाद बैराज पर पुलिस ने रोक दिया। शिवम, रामबिहारी सिंह, राजेंद्र आदि ने बताया कि किसी को गोरखपुर जाना है तो किसी को रायबरेली, गोंडा, बहराइच। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पुलिस उन्हें लाठियां फटकार कर भगा रही है। कोई उनके खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं कर रहा। शासन ने उन्हें घर भेजने की व्यवस्था नहीं की। इसलिए मजबूरन उन्हें पैदल आना पड़ा। उन्हें बैराज से आगे नहीं जाने दिया जा रहा। कुछ तो ऐसे हैं जो बीते चार दिन से इधर उधर भटक रहे हैं। सैकड़ों किलोमीटर चलने के बावजूद उनकी कोई सुध नहीं ले रहा। मजबूरन उन्हें जाम लगाना पड़ा। जाम लगने की सूचना पर करीब 2 घंटे बाद रामराज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने उन्हें हाईवे से हटाया और आश्वासन दिया कि उन्हें गाड़ियों से भेजने की व्यवस्था की जाएगी। रात करीब 7.30 बजे पुलिस प्रशासन के आश्वासन पर श्रमिक जाम खोलने पर राजी हो गए तथा आवागमन शुरू हो पाया। इस दौरान हाईवे पर ट्रकों की दोनों और लंबी लाइनें लग गईं। पुलिस को हाइवे पर ट्रैफिक संचालन कराने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।