- जिले में चीनी मिलो की औसत रिकवरी 8.93 प्रतिशत, नवंबर में दस प्रतिशत तक पहुंचती रही है
संवाद न्यूज एजेंसी
मुजफ्फरनगर। नवंबर माह का दूसरा सप्ताह शुरू हो चुका है, इसके बावजूद गन्ने में रिकवरी नहीं बढ़ पा रही है। इसका औसत अभी तक केवल 8.93 प्रतिशत ही है। बुढ़ाना और टिकौला मिल क्षेत्र में बेहतर रिकवरी है, जबकि रोहाना मिल क्षेत्र में औसत बेहतर नहीं मिल पा रहा है।
इस बार देर तक बारिश का असर गन्ने में रिकवरी पर पड़ा है। दीपावली के बाद ही इस बार रिकवरी दस प्रतिशत से ऊपर जाने की संभावना है। रिकवरी कम होने के कारण ही अधिकतम चीनी मिल नवंबर माह के पहले सप्ताह में ही चल पाई। नवंबर का दूसरा सप्ताह शुरू हो चुका है। अभी तक रिकवरी यहां केवल 8.93 प्रतिशत तक ही पहुंच पाई है। जिला गन्ना अधिकारी संजय सिसोदिया का कहना है कि नवंबर माह के अंत तक रिकवरी दस प्रतिशत को पार कर जाएगी। उनका कहना है कि इस बार अक्तूबर माह में भी बारिश हुई है। इसका गन्ने की रिकवरी पर प्रभाव पड़ा है। अब तेजी के साथ रिकवरी बढ़ेगी और जल्द ही दस पार हो जाएगी। सर्दी बढ़ने के साथ गन्ने की रिकवरी भी बढ़ती है।
गुड़ बनाने में चीनी का हो रहा प्रयोग
जिले में गुड़ बनाने का कार्य एक अक्तूबर से हो रहा है। कोल्हुओं में शुरूआत में गुड़ बनाना ही मुश्किल रहा। रिकवरी इतनी कम थी कि चीनी मिलाने के बाद भी गुड़ नहीं बन पा रहा था। इस समय भी गुड़ बनाने में अधिकतम कोल्हू मालिक रिकवरी के लिए चीनी का प्रयोग कर रहे हैं। गुड़ मंडी एसोसिएशन के श्याम सिंह का कहना है कि अब धीरे धीरे रिकवरी बढे़गी और गुड़ की गुणवत्ता भी बढ़ने लगेगी।
चीनी मिल रिकवरी
खतौली 8.81 प्रतिशत
तितावी 8.34 प्रतिशत
बुढ़ाना 9.29 प्रतिशत
मंसूरपुर 8.82 प्रतिशत
टिकौला 9.60 प्रतिशत
खाईखेड़ी 8.10 प्रतिशत
रोहाना 7.69 प्रतिशत
मोरना: 8.25 प्रतिशत