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ओलावृष्टि व बारिश से किसानों को भारी नुकसान

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जानसठ में बारिश से सरसों की फसल खेत में नीचे पड़ी - फोटो : KHATAULI
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बुढ़ाना। कस्बा व देहात क्षेत्र में देर रात के समय तेज हवाओं के साथ हुई ओलावृष्टि व बारिश के कारण खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। ओलावृष्टि से किसानों की सरसों की फसल में भारी नुकसान हुआ। गेहूँ व गन्ने की फसल में भी जमीन पर गिरने के कारण काफी नुकसान हुआ ।
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कस्बा व देहात क्षेत्र में शुक्रवार को देर रात के समय अचानक मौसम खराब हो गया। तेज हवाओं के साथ ओलावृष्टि हुई। ओलावृष्टि के बाद जमकर बारिश हुई। ओलावृष्टि व बरसात के कारण देहात व खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। क्षेत्र के कई गांवों में पानी की निकासी न होने के कारण बरसात का पानी ग्रामीणों के घरों में भर गया है। ओलावृष्टि के कारण किसानों की सरसों की अगेती व पछेती फसल में भारी नुकसान हुआ। तेज हवा व बरसात के कारण किसानों की गेहूं व गन्ने की फसल जमीन पर गिर गई। बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि के कारण किसान की फसलों में भारी नुकसान हैं। किसान व सेवानिवृत्त अपर कृषि अधिकारी रामनिवास सहरावत, ग्रामीण चौ. मुकेश मलिक व चौ. थाम सिंह आदि ने बताया कि ओलावृष्टि व बरसात से सरसों की फसल 50 से 60 प्रतिशत बर्बाद हो गई। किसानों का कहना है कि सरकार को किसानों की बर्बाद हुई फसल के नुकसान का मुआवजा देना चाहिए। फुगाना, खेड़ामस्तान, सराय, बिटावदा व इटावा सहित कई गांवों में पानी की निकासी न होने के कारण ग्रामीणों के घरों में पानी भर गया।
क्रेशर व कोल्हू हुए बंद
कस्बा व देहात क्षेत्र में देर रात के समय हुई ओलावृष्टि व बरसात के कारण खेत व देहात जलमग्न हो गए। गन्ने के कोल्हू परिसर में पानी भरने के कारण क्रेशर व कोल्हू बंद हो गए। जिसके कारण कोल्हू मालिक व मजदूर परेशान हैं। बरसात व ओलावृष्टि के कारण कोल्हू व क्रेशर परिसर में पानी भर गया है। गांव सरनावली निवासी कोल्हू ठेकेदार सुरेंद्र, जयकरण, राजवीर, सक्कू व देवसिंह आदि ने बताया कि बरसात के कारण उन्हे बहुत नुकसान हुआ है। कोल्हू अब कई दिन बाद चल सकेेंगे। कोल्हू में काम करने वाले मजदूर भी खाली हो गए हैं। कोल्हू व क्रेशर संचालकों का कहना है कि इस सीजन में बारिश अधिक हुई है। पेराई बहुत कम हुई है। जिसके कारण उन्हें व उनके साथ काम करने वाले मजदूरों को बहुत नुकसान है। मजदूर जयकिशन, रामकरण, रामभूल, बबलू व शिवकुमार आदि ने बताया कि कोल्हू बंद होने के कारण वे बेरोजगार हो गए हैं।
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