फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराजिता:-बदलते मौसम में खानपान का ध्यान रखे बेटियां

विज्ञापन
भोपा के एसएमपी स्कूल में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति करती छात्राएं। - फोटो : MUZAFFARNAGAR
विज्ञापन
भोपा। एसएमपी स्कूल में हुए स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में डॉ. कविता सहरावत, भोपा सीएचसी के डॉ. अनिल कौशिक, प्रशांत कुमार ने छात्राओं को स्वस्थ रहने के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि कि स्वस्थ शरीर मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी होती है। स्वस्थ शरीर से ही शिक्षित और आत्मनिर्भर बना जा सकता है। चिकित्सकों ने छात्राओं को कहा कि बदलते मौसम में खान-पान आदि का ध्यान रखें। सुबह के वक्त ठंड, दिन में गर्मी, शाम होते ही बारिश ऐसी स्थिति में बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। इसके प्रति अधिक सतर्कता बरतनी होगी।
विज्ञापन

--------------------
निडर बने बेटियां, हौसला न छोड़े
अमर उजाला के अनूठी पहल अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स के तहत हुए कार्यक्रम में थाना प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने छात्राओं को निडरता का पाठ पढ़ाते हुए उनमें न्याय के प्रति समर्पण व अन्याय के प्रति जोश भरा। छात्राओं से कहा कि वह अंजान व्यक्ति अंजान वस्तु से दूरी बनाकर रखें। जब वह घर से बाहर जाएं तो परिजनों को इसकी जानकारी दे। महिला हेल्पलाइन नंबर की भी जानकारी दी। एसएसआई वासिक सिद्दीकी, महिला कांस्टेबल निशा रानी ने कहा, छात्राएं किसी भी स्थिति में हौसला ना छोड़ें। सेवानिवृत्त खंड शिक्षा अधिकारी सुरेंद्र सिंह राठी ने मदर टेरेसा, पीटी उषा, मैरीकॉम का उदाहरण पेश कर छात्राओं को समझाया।
--------------
नाटिका मंचन से कुरीतियों पर किया प्रहार
छात्राओं, शिक्षिकाओं नेे शपथपत्र भर कर अभियान से जुड़ी। छात्राओं ने कन्या भ्रूण हत्या, दहेज हत्या जैसी कुरीतियों पर नाटिका मंचन से प्रहार किया। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्वच्छता अभियान आदि विषयों पर छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम किए। पायल, मुस्कान, तुलसी, कमर फातमा आदि छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जूनियर हाई स्कूल भोपा की छात्राओं ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
विज्ञापन

-----------------------
इन्होंने कहा
- संतुलित आहार, व्यायाम, तनाव मुक्त से हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर रख सकते हैं। रोगमुक्त शरीर से बढ़कर कोई दौलत नहीं है। हमें खान-पान का ध्यान रखना चाहिए। शिक्षा के साथ ही बेहतर जीवन के लिए स्वस्थ शरीर का होना भी जरूरी है।
प्रधानाचार्या आरती शर्मा
------------------
समाज को महिलाओं के सम्मान के लिए आगे बढ़कर कार्य करना चाहिए। शिक्षिका मंजू पाल
------------
-महिलाएं जागरूक होगी तो समाज भी जागरूक होगा। महिलाओं को आत्मनिर्भर वह शिक्षा जगत में अग्रणी होकर महिला के प्रति समाज की छोटी सोच को बदलना होगा।
शिक्षिका स्वीटी
-------
- छात्राएं अपने साथ होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं की अनदेखी ना करें। हर समस्या के बारे में परिजनों को अवगत कराएं। साहस के साथ निडर होकर आगे बढ़ें।
शिक्षिका अंशु
-------------
- महिलाएं अपनी सुरक्षा के साथ ही अपने कर्तव्य का भी पालन करें। बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए साहसी और कर्मठ बनाना चाहिए। महिलाएं अत्याचार के विरुद्ध आवाज उठाएं।
शिक्षिका नेहा
---------
छात्रा शिवानी- दिमाग को कैसे दुरुस्त रखें
डॉ कविता सहरावत- स्वाद को संतुलित रखना भी शारीरिक दिमाग के लिए अच्छा होता है। दिमाग को बेवजह के मुद्दों में न फंसाएं।
---------------
छात्रा पायल:- पढ़ाई की टेंशन से कैसे मुक्त हों
डॉ कविता:- पढ़ाई को टेंशन न समझें। जो कक्षा में पढ़ाया जाता है, उसका घर पर रिवीजन करें। कोई भी परेशानी हो तो अभिभावकों और टीचर से जानकारी ली।

भोपा मैं अपराजिता कार्यक्रम में शपथ पत्र के साथ मौजूद छात्राएं।- फोटो : MUZAFFARNAGAR

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें