मुजफ्फरनगर। जिला चिकित्सालय में हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण मरीजों को भटकना पड़ रहा है। मरीजों को ओपीडी से परामर्श देकर विदा कर दिया जाता है। चिकित्सक न होने के कारण अधिक गंभीर मरीजों को भर्ती करने के बजाए हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। बृहस्पतिवार को विशेषज्ञ चिकित्सक की गैर मौजूदगी में डॉ.उमंग सिंघल ने ओपीडी में परामर्श दिया।
जिला चिकित्सालय में करीब डेढ़ वर्ष से हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं है। मुजफ्फरनगर मेडिकल कॉलेज और सीएचसी से चिकित्सकों की ड्यूटी लगाकर ओपीडी संचालित कराई जा रही है। प्रतिदिन 150 से अधिक हृदय रोगी परामर्श के लिए पहुंचते हैं, जिनमें से कुछ का निरंतर उपचार चल पाता है।
अधिकतर गंभीर रोगियों को हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है। जबकि नियमित रूप से विशेषज्ञ की तैनाती न होने के कारण हृदय रोगियों को भर्ती करने की भी सुविधा भी नहीं है।
विशेषज्ञ चिकित्सक न होने के कारण हृदय रोग विभाग में आईसीयू का संचालन किया जा रहा है, जहां हृदय रोगियों को छोड़कर बाकी मरीजों को उपचार दिया जाता है।
n हृदय रोग विशेषज्ञ की तैनाती के लिए शासन को लिखा
स्वामी कल्याण देव जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के चिकित्सकों की ड्यूटी ओपीडी में लगाई जाती है। हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है। हृदय रोग विशेषज्ञ की स्थाई तैनाती के लिए शासन को लिखा गया है।
n चिकित्सालय में केवल ईसीजी की सुविधा
भोकरहेड़ी से पहुंची जैनब ने बताया कि दिल के मर्ज का इलाज काफी महंगा है। जिला चिकित्सालय में केवल ईसीजी की सुविधा है, हालत बिगड़ने पर भर्ती भी नहीं किया जा सकता।
n अस्पताल में तीन घंटे देर से पहुंचे चिकित्सक
जांच कराने के लिए पहुंची मोहसिना ने बताया कि वह 8.30 बजे ओपीडी पहुंच गई थी। लेकिन यहां काफी देर तक चिकित्सक ही नहीं पहुंचे। बताया कि करीब 11.30 बजे से चिकित्सक ने देखना शुरू किया।