स्वास्थ्य विभाग की टीम का विरोध
खतौली। गीतापुरी भूड़ क्षेत्र में कोरोना मरीज आने के बाद सर्वे करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को एनआरसी टीम समझकर ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। सूचना पर सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक के साथ पुलिस टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा सर्वे किए जाने की जानकारी दी, उसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
नोएडा में नौकरी करने वाला हिमांशु अपने दोस्त राजन के साथ कुछ दिन पहले घर वापस आ गया था। हिमांशु की जांच रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उसके दोस्त तथा परिजनों का टेस्ट कराया गया था, जिसमें रविवार को आई रिपोर्ट के आधार पर हिमांशु की मां ऊषा निवासी शुगर मिल कालोनी खतौली तथा उसका दोस्त राजन निवासी गीतापुरी भूड़ कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। दोनों को बेगराजपुर मुजफ्फरनगर मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया था। सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गीतापुरी भूड़ में सर्वे करने के लिए पहुंची। डोर-टू-डोर सर्वे होता देख ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अपने उच्चाधिकारियों को मामले की सूचना दी। सूचना पर पीएचसी प्रभारी डाक्टर एके सिंह, डाक्टर वेद भूषण, डाक्टर राकेश बंसल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कहा कि वे एनआरसी के तहत कोई जानकारी नहीं देंगे। विरोध कर रहे ग्रामीणों को चिकित्सकों और पुलिस द्वारा समझाया गया कि कोरोना पॉजिटिव आए युवक के कारण स्वास्थ्य विभाग के द्वारा सर्वे का काम किया जा रहा है। जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम शुगर मिल कालोनी पहुंची, उन्होंने वहां पर लोगों से स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली।
कृषि फार्म का छोड़ा टेंडर
खतौली। गांव भायंगी में स्थित प्राइमरी पाठशाला के कृषि फार्म का टेंडर छोड़ा गया। टेंडर लेने के लिए 15 लोग मौके पर पहुंचे। सबसे ज्यादा बोली ग्यासुद्दीन निवासी भंगेला ने लगाई। दो साल के लिए 70 हजार रुपये में कृषि फार्म की सात बीघे भूमि ग्यासुद्दीन को दी गई। टेंडर छोड़ने के दौरान एडीओ पंचायत रमेश चंद, ग्राम प्रधान इकराम, स्कूल की प्रधानाचार्या भावना, सचिव दीपक, लेखपाल अनिल कुमार, ग्राम सदस्य राजवीर सिंह समेत बीएसए आफिस से भी एक कर्मचारी उपस्थित रहा।