अमर उजाला के अनूठे अभियान अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स के तहत सरकुलर रोड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं की स्वास्थ्य जांच कर दवा दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि स्वच्छता से ही स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है। छात्राएं अपने स्वास्थ्य और खानपान का ध्यान रखें। स्वास्थ्य अच्छा होने पर ही वे जीवन में आने वाली जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकेंगी।
सोमवार को विद्यालय के सभागार में आयोजित शिविर में होम्योपैथिक चिकित्सक डा. बलजीत कौर एवं डा. श्रुति बेदी ने कहा कि छात्राएं अपने स्वास्थ्य को लेकर अपेक्षाकृत लापरवाह होती हैं, जबकि उन्हें इस दिशा में ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है। जीवन में आगे चलकर उन्हें बड़ी जिम्मेदारी निभानी होती है। वे अपने कर्तव्य को तभी अच्छी तरीके से निभा पाएंगी, जब उनका स्वास्थ्य अच्छा होगा। उन्होंने लगभग 90 छात्राओं के स्वास्थ्य का परीक्षण कर उन्हें दवा दी।
साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं में खासी, जुकाम, एलर्जी के साथ ही शरीर में कमजोरी की शिकायतें मिली। चिकित्सकों ने बताया कि लड़कियों में खून की कमी यानि एनीमिया की शिकायत आम हो गई है। इसका सबसे बड़ा कारण उचित खानपान का न होना है। यदि लड़कियां पोषक खुराक लें तथा अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल आदि का इस्तेमाल करें तो यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी। डा. पवन ने छात्राओं को दवाइयां दीं।
संतुलित आहार ले छात्राएं
डाइटीशियन आयुषी अग्रवाल ने छात्राओं को पोषाहार की जानकारी दी। बताया कि छात्राएं संतुलित आहार लें। जंक फूड से बचने की सलाह देते हुए दूध, हरी सब्जियां, फल, दालें आदि को नियमित आहार में शामिल करने को कहा। साथ ही व्यायाम को भी जरूरी बताया।
छात्राओं ने भरे शपथ पत्र
कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की छात्राओं और शिक्षिकाओं ने महिलाओं की गरिमा की रक्षा के लिए शपथपत्र भरे। छात्रा तनु शर्मा, महिमा, काकी, मुस्कान, इशिका, साक्षी, सावनी, चांदनी, मनीषा समेत अन्य छात्राओं ने महिलाओं के सम्मान की रक्षा का संकल्प लिया।
महिलाओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति बेहद सतर्क रहने की आवश्यकता है। छात्राओं से कहा जाता है कि वे अपने स्वास्थ्य को लेकर गंभीर रहें। क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की पूंजी है - बबीता शर्मा, वार्डन।
अच्छे स्वास्थ्य के लिए पोषक तत्वों से युक्त भोजन बेहद जरूरी होता है। लड़कियों की खुराक तो पोषक तत्वों से भरपूर होनी चाहिए। लड़कियों में खून की कमी की समस्या आम हो गई है - आयुषी अग्रवाल, डाइटीशियन।
अमर उजाला का अभियान अपराजिता सराहनीय है। बालिकाओं के लिए इस तरह के शिविरों का आयोजन होता रहना चाहिए। छात्राओं ने चिकित्सकों से स्वास्थ्य से संबंधित सवाल भी पूछे हैं - डा. सविता डबराल, बीईओ।
सशक्त समाज के लिए महिलाओं को भी सशक्त होना होगा। सबसे पहले तो उन्हें अपने स्वास्थ्य को ठीक रखना है, क्योंकि जब महिलाएं स्वस्थ होंगी तो ही वह बेहतर समाज का निर्माण कर सकेंगी - ममता शर्मा, शिक्षिका।
महिलाओं के सम्मान को लेकर अमर उजाला का अपराजिता अभियान सराहनीय है। इससे समाज में महिला सशक्तिकरण का माहौल बन रहा है। समाज की सोच में बदलाव आ रहा है - कोमल, शिक्षिका।