मुजफ्फरनगर। स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि जिले में हल्के सर्दी-जुकाम वाले मरीजों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, वह भी अब कोरोना का लक्षण हो सकता है। जिले में वर्तमान में डेल्टा स्वरूप का कोई मरीज नहीं हैं।
एसीएमओ डॉ. एसके अग्रवाल ने बताया कि हमें डेल्टा के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने की जरूरत है। हालांकि अभी तक जनपद में डेल्टा स्वरूप का कोई भी मरीज नहीं मिला है, लेकिन अभी तक सामने आए आंकड़े बताते हैं कि जिसे हम मामूली सर्दी-जुकाम (बहती नाक और गले में दर्द) मान रहे हैं, वह कोरोना का लक्षण भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे में मरीज को घबराना नहीं है, केवल सतर्क रहने की आवश्यकता है। कोरोना प्रोटोकॉल के पालन, समय पर दवा व उचित इलाज से कोरोना के इस स्वरूप को भी मात दी जा सकती है।
एसीएमओ डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अक्सर देखा जाता है कि सभी इंसान विभिन्न प्रतिरक्षा तंत्र के कारण आपस में अलग-अलग हैं, जिसके कारण एक ही वायरस इंसानों में कई तरीकों से नए-नए संकेत और लक्षण पैदा कर सकता है। वायरस से होने वाली बीमारी दो अहम कारकों पर निर्भर करती है। पहला, वायरस के अपनी प्रतिकृतियां बनाने की गति और प्रसार का माध्यम। दूसरा, म्यूटेशन के कारण वायरल कारकों का बदलना। दोनों की कारणों में प्रत्येक व्यक्ति में कोरोना के भी अलग-अलग लक्षण देखने को मिल सकते हैं।