मुजफ्फरनगर में सोलह साल पहले भोपा के गांव तिस्सा में हुई दुकानदार आबिद गौहर की हत्या के मामले में एडीजे प्रथम कोर्ट ने छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी पर जुर्माना भी किया है, जिसकी आधी धनराशि पीड़ित परिवार को देने के आदेश दिए हैं। इस हत्याकांड में कोर्ट ने तीन दिन पहले सबूत के अभाव में नौ लोगों को बरी कर दिया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना भोपा में जौली निवासी गय्यूर अली एक जनवरी 2001 को अपने दामाद आबिद गौहर की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। रिपोर्ट में बताया था जौली निवासी उसका दामाद आबिद गौहर गांव में ही खाद, सीमेंट की दुकान करता था। उसके सामने मेहंदी पुत्र अब्बास की दुकान है। इस कारण दोनों में रंजिश चली आ रही थी।
घटना के दिन वह अपने दामाद के साथ बाइक पर जा रहा था। ग्राम तिस्सा से पहले रास्ते में एक कार में शहरवार पुत्र अंसार, पम्मी पुत्र कलवा, मेहंदी पुत्र अमीर अब्बास, जहीर आलम पुत्र घसीटा व नायब पुत्र मोहम्मद जमील मिले और हमें घेर लिया और मैं और आबिद गौहर जान बचाने के लिए भागे और ग्राम तिस्सा में सकटू के मकान में घुसकर दरवाजा बंद कर लिया।
मगर अभियुक्तों ने दरवाजा तोड़कर आबिद गौहर को खींचकर बाहर निकाला और अंधाधुंध गोलियां चलाकर उसकी हत्या कर दी।
इस मुकदमे 15 लोगों को शहरवार, पम्मी, मेहंदी, जहीर आलम, नायाब, कमर, कूंचा उर्फ तौकीर, जावेद, इकरार, कलवा, शाहरजहां, मुन्नन, छानू, हैदर अब्बास, इंतजार मेहंदी को नामजद कराया था। इस मुकदमे की सुनवाई एडीजे प्रथम दिनेश चन्द्र सिंह की अदालत में हुई। जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता जितेंद्र कुमार त्यागी ने कोर्ट में नौ गवाह और सबूूत पेश किए। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों सुनते हुए बुधवार को छह अभियुक्तों शहरवार, पम्मी, मेहंदी, जहीर आलम, नायाब और इंतजार मेहंदी को दोषी करार दिया था। बाकी नौ लोगों कमर, कूंचा उर्फ तौकीर, जावेद, इकरार, कलवा, शाहरजहां, मुन्नन, छानू, हैदर अब्बास को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया था।
शनिवार को कोर्ट ने हत्या करने वाले छह लोगों शहरवार, पम्मी, मेहंदी, जहीर आलम, नायाब और इंतजार मेहंदी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इंतजार मेहंदी पर 15 हजार और बाकी पांचों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। इस फैसले पर लोगों की नजरें लगी हुई थी।