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हरियाणा का गन्ना खरीदने पर दर्ज होगी रिपोर्ट

Thu, 29 Mar 2018 10:51 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/मुजफ्फरनगर।
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meeting - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मुजफ्फरनगर। जिले में गन्ने की पर्ची से लेकर भुगतान तक की समस्या पर जन प्रतिनिधियों, अफसरों और मिल प्रबंधतंत्र के बीच एक घंटे तक मंथन हुआ। निर्णय यह हुआ कि हरियाणा का गन्ना खरीदने वाली मिलों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। सभी चीनी मिलें 75 प्रतिशत गन्ना बेसिक कोटे का और 25 प्रतिशत किसानों के पास खड़ा अतिरिक्त गन्ना एग्रीमेंट के आधार पर खरीदेगी। भुगतान को लेकर हुए हंगामे के बाद खाईखेड़ी ने 15 दिन में 35 करोड़ और भैंसाना ने एक सप्ताह में 15 करोड़ के भुगतान का         आश्वासन दिया।
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बृहस्पतिवार को विकास भवन के सभागार में पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ संजीव बालियान की अध्यक्षता में गन्ने की समस्या को लेकर एक घंटे तक बैठक चली। बैठक में पुरकाजी विधायक प्रमोद ऊटवाल ने खाईखेडी चीनी मिल पर तौल केंद्रों पर गन्ना नहीं लेने और बाहरी गन्ना खरीदने का आरोप लगाया। जीएम केन नईम अंसार ने कहा कि धर्मकांटा से तुलवाकर किसान सीधे मिल में गन्ना डाल रहा है।

विधायक ने कहा कि उनके पक्के सबूत है कि बाहरी गन्ना मिल खरीद रहा है। इस पर मिल के इंडेंट और पेराई का ब्योरा देने के लिए डीसीओ ओपी यादव को निर्देश दिया गया। बुढ़ाना विधायक उमेश मलिक ने भैंसाना मिल के भुगतान के मामले को गंभीरता से उठाया। इस पर मिल के वीपी राजसिंह चौधरी ने कहा कि चीनी मिलों का बिजली विभाग पर साढे़ तीन हजार करोड़ है, यह पैसा मिल जाए तो वह तेजी से भुगतान कर देंगे। सांसद डॉ बालियान ने इस पर कहा कि जिस तरह दूसरी मिलें भुगतान कर रही         इसी तरह करें।
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बजाज की थानाभवन मिल द्वारा 53 प्रतिशत भुगतान करने और भैंसाना का मात्र 36 प्रतिशत होने पर जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई। वीपी ने एक सप्ताह में 15 करोड़ के भुगतान का आश्वासन दिया। बकाया भुगतान पर खाईखेड़ी के वीपी संजय त्रिपाठी ने कहा कि 15 अप्रैल तक वह किसानों का 35 करोड़ का भुगतान कर देंगे। हरियाणा के गन्ने के मामले में डीएम राजीव शर्मा ने डीसीओ को निर्देश दिए कि यदि किसी चीनी मिल से बाहरी गन्ना खरीदने की शिकायत आती है, तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। किसानों के खेतों में खड़े अतिरिक्त गन्ने की समस्या का हल भी निकाला गया। यह निर्णय सर्वसम्मति से हुआ कि चीनी मिलें किसानों के बेसिक कोटे के साथ 25 प्रतिशत अतिरिक्त गन्ने का एग्रीमेंट कर खरीदेगी।
जब तक किसानों के खेतों में गन्ना है, तब तक चीनी मिल चलती रहेगी। भैसाना चीनी मिल ने किसानों को चीनी देने का प्रस्ताव भी रखा। इस पर डीसीओ को प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया।

बैठक में विधायक कपिलदेव अग्रवाल, भैसाना चीनी मिल के जीएम केन जेबी सिंह, खतौली मिल के वीपी डॉ अशोक, जीएम केन भूपेंद्र सिंह, रोहाना मिल के वीपी सुनील दत्त, जीएम केन नरेश मलिक, मोरना मिल के जीएम प्रबुद्ध चौबे, मंसूरपुर मिल के वीपी एके दीक्षित, जीएम केन बलधारी सिंह, टिकौला मिल के वीपी एमसी शर्मा, जीएम केन मोहन शर्मा, तितावी मिल के जीएम केन विवेक कुमार बैठक में मौजूद रहे।
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