मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मिलने के बाद लखनऊ से लौटी दिव्यांग हलीमा ने 'अमर उजाला' कार्यालय पर आकर अमर उजाला परिवार का आभार जताया। हलीमा ने कहा कि जो कुछ भी हासिल हुआ वह 'अमर उजाला' की बदौलत मिला। यदि 'अमर उजाला' मेरी आवाज नहीं बनता तो यह मुकाम हासिल नहीं होता। उसने तहेदिल से शुक्रिया अदा किया।
शाहपुर के गांव कसेरवा की दिव्यांग हलीमा से शनिवार को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने आवास पर मुलाकात की थी। सीएम ने उसे एक लाख रुपये नगद देकर मदद की तथा उसे सरकारी नौकरी देने का भी भरोसा दिया। हलीमा के आग्रह पर सीएम ने कसेरवा गांव में छात्राओं के लिए कॉलेज खुलवाने और उसके गांव का आई स्पर्श श्रेणी में शामिल कर विकास करवाने की भी बात कही।
सीएम से मुलाकात के बाद रविवार दुपहर को शहर में लौटी हलीमा ने 'अमर उजाला' कार्यालय पर आकर अमर उजाला परिवार का आभार जताया। उसने बताया कि वह अब उच्च शिक्षा ग्रहण कर शिक्षिका बन कर बच्चों को शिक्षित करना चाहती है। उसका सपना है कि वह अपने भाइयों को भी अच्छे स्कूलों में पढ़ा कर उसे अच्छी शिक्षा दिलाए। उसने कहा कि पिता की मौत के बाद आर्थिक तंगी के कारण उसकी पढ़ाई बीच में रुक गई थी।
'अमर उजाला' ने उनके जज्बे को उजागर कर उसकी आवाज बन कर उसे यह मुकाम हासिल कराया। जिसके लिए वह ताउम्र शुक्रगुजार रहेगी। इस दौरान उसके साथ सहेली शाहजहां, भाई शौकीन, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय शाहपुर की वार्डन गीता रानी भी मौजूद थीं।