चरथावल। ऐतिहासिक दूधली म्हाड़ी पर पवित्र निशान और प्रसाद चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। उत्तर भारत के कई प्रांतों से लाखों श्रद्धालुओं ने शाम तक प्रसाद और निशान चढ़ाकर मन्नत मांगी। नीले घोड़े की जय...बागड़ वाले की जय से दूधली सहित पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
दूधली में करीब 700 साल से पुरानी ऐतिहासिक म्हाड़ी की मान्यता उत्तर भारत में है। सोमवार को कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा ने कपाट खोलकर शुभारंभ किया। उन्होंने कहा गोगा म्हाड़ी के मेले हमारी सांस्कृतिक और ग्रामीण अंचल की पहचान है।
इस मौके पर ग्राम प्रधान शोभित पुंडीर, ब्लॉक प्रमुख अक्षय पुंडीर, सुभाष राणा, पूर्व एसआई ब्रजपाल सिंह, कांग्रेस नेता राकेश पुंडीर, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रवीण राणा, अनुज त्यागी मौजूद रहे। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत और सीओ सदर डॉ. रविशंकर ने मेला प्रांगण एवं म्हाड़ी स्थल का मुआयना किया। बैरियर और पार्किंग की व्यवस्था को परखा।
रविवार से पहुंचने शुरू हो गए थे श्रद्धालु : रविवार रात से ही कई प्रांतों के गोगा भक्तों का गांव में आना शुरू हो गया था। गांव में प्रवेश के चारों संपर्क मार्गों पर वाहनों की लंबी लाइन लगी रही। छिमाऊ के शिवकुमार सहित कई श्रद्धालु लेटकर प्रसाद और निशान चढ़ाने पहुंचे। ढोल नगाड़ों पर झूमते हुए गोगा भक्त म्हाड़ी की ओर बढ़ते रहे। बच्चों के हाथों में पवित्र निशान आकर्षण का केंद्र रहा।
रंग-बिरंगे झूलों और सर्कस पर दर्शकों ने लुत्फ उठाया। मेले में खेल खिलौनों की दुकानों पर खरीदारी की गई। और मेले का लुत्फ उठाया। प्रधान शोभित पुंडीर ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तराखंड से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
लेटकर म्हाड़ी पहुंचें श्रद्धालु : दूधली ऐतिहासिक गोगा म्हाड़ी मेले में मन्नत पूरी होने पर गांव छिमाऊ से 10 श्रद्धालु लेटकर बाबा की समाधि पर मत्था टेकने पहुंचें। सागर शर्मा (फौजी), संदीप पांचाल, मनिंदर सिंह (फौजी), सहदेव, मोंटी, रोजी, सोनिया का सहयोग किया। रंग बिरंगे झूलों और सर्कस पर दर्शकों ने लुत्फ उठाया।
दूधली म्हाड़ी पर लगी श्रद्धालुओं की कतार: संवाद- फोटो : mathura
दूधली म्हाड़ी पर लगी श्रद्धालुओं की कतार: संवाद- फोटो : mathura
दूधली म्हाड़ी पर लगी श्रद्धालुओं की कतार: संवाद- फोटो : mathura